नीलोखेड़ी/करनाल। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत विस्तार शिक्षा संस्थान नीलोखेड़ी में वीरवार को तकनीक हस्तांतरण के लिए सोशल मीडिया कौशल विषय पर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को कृषि क्षेत्र में मीडिया का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए प्रेरित करना रहा। इसमें हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और झारखंड से आए प्रतिभागियों ने भाग लिया और विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
विस्तार शिक्षा संस्थान नीलोखेड़ी के क्षेत्रीय निदेशक डाॅ. संजय कुमार ने कृषि विस्तार में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में, किसानों तक नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए मीडिया सबसे सशक्त माध्यम है। आज के समय में सोशल मीडिया के माध्यम से किसानों तक नवीन तकनीकों, सरकारी योजनाओं, मौसम की जानकारी, बीमारियों की रोकथाम इत्यादि विषयों की जानकारी बड़ी तीव्रता से पहुंचाई जा सकती हैं। तकनीक हस्तांतरण करने में मीडिया का अहम योगदान हैं, हमें इसका अधिकतम उपयोग करना चाहिए। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को मीडिया के विभिन्न साधनों - प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया - का उपयोग करके किसानों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि यह संस्थान चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वाइस-चांसलर प्रोफेसर बीआर कांबोज के नेतृत्व में उत्तर भारत के आठ राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य पालन, वानिकी, महिला एवं बाल विकास विभागों के वैज्ञानिकों एवं विस्तार अधिकारियों को प्रशिक्षण देने का काम कर रहा है। उन्होंने हर तरह का वित्तीय सहयोग देने के लिए विस्तार निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की भी सराहना की। विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशक डाॅ. बलवान सिंह मंडल का भी धन्यवाद किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अजय कुमार ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को मीडिया के साथ काम करने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए हैं। इस दौरान डॉ. सत्यकाम मलिक, डाॅ. जसविंद्र कौर और डॉ. अनिल कुमार रोहिला सहित सभी प्रतिभागी मौजूद रहे।