- चुनाव खर्च का भी जमा करवाना होगा ब्योरा, नहीं तो लगेगा पांच साल के लिए प्रतिबंध
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। निकाय चुनाव में मेयर पद के सामान्य वर्ग के पुरुष प्रत्याशियों के लिए 10वीं पास जरूरी है जबकि महिला, एससी महिला एवं अनुसूचित जाति के पुरुष के लिए आठवीं कक्षा पास होना काफी है। वहीं, नगर निगम के पार्षद पद के लिए सामान्य वर्ग के पुरुष के लिए 10वीं, महिला, अनुसूचित जाति के लिए आठवीं और अनुसूचित जाति की महिला के लिए पांचवीं पास होना आवश्यक है। दूसरी ओर नगर पालिका प्रधान के लिए सामान्य वर्ग के लिए 10वीं, महिला, अनुसूचित जाति की महिला एवं अनुसूचित जाति के लिए आठवीं पास होना चाहिए। नगर पालिका में पार्षद पद के लिए सामान्य वर्ग के लिए 10वीं, महिला, अनुसूचित जाति के लिए आठवीं और अनुसूचित जाति की महिला के लिए पांचवीं पास होना अनिवार्य है।
ये रहेगी जमानत राशि
नगर निगम में मेयर पद के लिए सामान्य वर्ग के प्रत्याशी के लिए 10 हजार रुपये, अनुसूचित जाति, बीसी-ए, बी सी-बी और महिला के लिए पांच हजार रुपये की जमानत राशि तय की गई है। नगर निगम में पार्षद पद के लिए सामान्य वर्ग के प्रत्याशी के लिए तीन हजार रुपये, अनुसूचित जाति, बीसी-ए, बी सी-बी और महिला के लिए 1500 रुपये की जमानत राशि तय की गई है। इसी प्रकार नगर पालिका में चेयरमैन पद के लिए सामान्य वर्ग के प्रत्याशी के लिए दो हजार रुपये, अनुसूचित जाति, बीसी-ए, बी सी-बी और महिला के लिए एक हजार रुपये की जमानत राशि तय की गई है। नगर पालिका में पार्षद पद के लिए सामान्य वर्ग के प्रत्याशी के लिए एक हजार रुपये, अनुसूचित जाति, बीसी-ए, बी सी-बी और महिला के लिए 500 रुपये की जमानत राशि तय की गई है।
चुनावी खर्च की ये होगी सीमा, आपराधिक रिकॉर्ड करना होगा सार्वजनिक
नगर निगम मेयर पद के चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की खर्च सीमा 30 लाख रुपये, पार्षद पद के लिए 7 लाख 50 हजार रुपये तय की गई है। नगर पालिका चेयरमैन पद के चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की खर्च सीमा 12 लाख 50 हजार रुपये, पार्षद पद के लिए 3 लाख रुपये तय की गई है। चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को चुनाव खर्च का ब्योरा रखना होगा और उसे चुनाव खत्म होने के बाद 30 दिनों के अंदर संबंधित आरओ को जमा करवाना होगा। अगर कोई प्रत्याशी ऐसा नहीं करता है तो उसे पांच साल के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा। अगर किसी प्रत्याशी की आपराधिक पृष्ठभूमि है तो उसे उसका पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करना होगा। इसके लिए उसे स्थानीय हिंदी व अंग्रेजी समाचार पत्रों में पूरी जानकारी प्रकाशित करवानी होगी। साथ ही अलग-अलग 3 दिनों में स्थानीय टीवी चैनल और केबल नेटवर्क पर प्रसारित करवानी होगी।