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सुनवाई नहीं हुई तो मेयर सहित दस पार्षद धरने पर बैठे

Tue, 17 Dec 2013 12:35 AM IST
करनाल
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करनाल नगर निगम की मेयर रेनू बाला गुप्ता, सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग और डिप्टी मेयर मनोज वधवा समेत दस पार्षदों ने सोमवार को सरकार, स्थानीय विधायक और नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
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इन लोगों ने विरोध स्वरूप नगर निगम के बाहर अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ कर दिया। पार्षदों का आरोप है कि निगम के अधिकारी उनकी सुनवाई नहीं करते हैं और उन्हें योजनाओं की सही जानकारी तक नहीं दी जाती है। विरोध में उतरे पार्षदों ने पूरा दिन उनकी मांगें और बात नहीं मानने का रोना रोया।

इस मौके पर पार्षदों ने कहा कि नगर निगम में अधिकारी नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह लोग तब तक विरोध समाप्त नहीं करेंगे, जब तक उनकी सुनवाई नहीं होती।
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सोमवार को नगर निगम की मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षद राकेश कुमार उर्फ भाग सिंह, पार्षद बलविंद्र सिंह, पार्षद अमित कांबोज, पार्षद कमलेश लाठर, पार्षद सुजाता अरोड़ा, यशपाल मित्तल और विनोद तितोरिया ने पूरा दिन सरकार के खिलाफ बवाल काटा।

मेयर बोली, निगम अधिकारी नहीं देती जानकारी
इस मौके पर नगर निगम की मेयर रेनू बाला गुप्ता ने कहा कि उन लोगों को जनता ने विकास की उम्मीद से पार्षद बना कर भेजा है।

नगर निगम का कोई अधिकारी उनकी सुनवाई नहीं करता है। उन्हें योजनाओं की जानकारी तक नहीं दी जाती है। शहर डीसी एवं निगम के आयुक्त हाउस की बैठक में उन लोगों को साफ कहते है पचास लाख रुपये तक के विकास कार्य वह स्वयं करवा सकते हैं।

अधिकारियों को इतनी पावर है तो फिर निगम के पार्षद चुनने की आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस राज में ही कांग्रेस के नेता और अधिकारी राजीव गांधी के सपने को चकनाचूर कर रहे हैं।
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रेनू बाला गुप्ता ने प्रत्यक्ष तौर  स्थानीय विधायक का नाम नहीं लिया, लेकिन इशारों में उन पर निशाना साधा और कहा कि मुख्यमंत्री उन्हें जांच करवा कर बताएं कि अधिकारी किसके दबाव में काम कर रहे हैं।

‘विधायक के दबाव में अधिकारी नहीं करते सुनवाई’
सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग और डिप्टी मेयर मनोज वधवा ने इस मौके पर साफ कहा कि विधायक सुमिता सिंह के दबाव में अधिकारी उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहे है।

बीस रुपये का काम वह लोग अपने वार्ड में नहीं करवा सके। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की टाइल फैक्ट्रियों से मिलीभगत है। जांच की जाए तो वह जांच एजेंसी का सहयोग भी करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें शहर की जनता ने भेजा है और अगर वह जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरे तो यह लोगों के साथ बेईमानी होगी।

सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर ने बताया कि किसी प्रोजेक्ट की जानकारी उन्हें नहीं दी जाती। टेंडर कमेटी के सदस्य होने के बावजूद शाम को पांच बजे टेंडर खोलने है और साढे़ चार बजे सूचना भेज रहे हैं। पार्षदों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन के माध्यम से तमाम जानकारी से अवगत कराया है। उन लोगों ने मांग पत्र की प्रति राज्यपाल और स्थानीय निकाय मंत्री सावित्री जिंदल को भी प्रेषित की है।

‘नहीं करवा पा रहे हैं विकास कार्य’
नगर पार्षद राकेश कुमार ने इस दौरान कहा कि वह कोई काम नहीं करवा पा रहे हैं। हाउस की बैठक में चार करोड़ रुपये के विकास कार्य कराने के लिए सहमति दी गई थी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। पार्षद बलविंद्र सिंह ने कहा कि मेयर समेत विरोध में उतरे तमाम पार्षद लोगों के हित के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कुछ पार्षद विपक्षी होने के कारण नहीं आए हैं।
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