करनाल। मन की उड़ान साहित्यिक मंच ने सोलहवां शाम-ए-गजल साहित्यिक कार्यक्रम रविवार को सेक्टर-8 स्थित जिमखाना क्लब में आयोजित किया।
शुरुआत कवि हरबंस लाल शर्मा की पंक्तियों से हुई ‘ये है इक्कीसवीं सदी, भविष्य के चिंतन में बाट जोह रही इक्कीसवीं सदी’। मुख्य अतिथि हरविंदर सिंह ने ‘दिल की रह जाए न दिल में, ये कहानी कह लो, चाहे दो हरफ लिखों, चाहे ज़ुबानी कह लो’ सुनाकर दर्शकों की तालियां बटोरीं। गुंजन भटनागर ने ‘पर्व और प्रकृति का प्रतीक कार्तिक माह, मनोहरी प्रकृति की छटा लाया, कार्तिक माह’ से वाहवाही लूटी।
कवि नरिंदर सिंह संधु, इकबाल पानीपती, मंच संस्थापक रामेश्वर देव, पूनम गोयल, अंजू शर्मा, गुरमुख सिंह वैड़च, गुरविंदर कौर गुरी, नरेश लाभ, डॉ़ जयवर्धन, अशोक मलंग, आशीष ताज आदि ने भी काव्य पाठ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कवि हरबंस लाल ने की। मुख्य अतिथि गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल सरदार हरविंदर सिंह रहे। विशिष्ट अतिथि कवयित्री गुंजन भटनागर और कवि नरिंदर सिंह संधु रहे।