करनाल।
नमो भारत रैपिड रेल काॅरिडोर में करनाल जिले में चार नहीं पांच स्टेशन बनाए जाएंगे। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) की ओर से जारी मास्टर प्लान में करनाल बाईपास पर फ्यूचर स्टेशन का उल्लेख किया गया है। पहले केवल चार स्टेशन न्यू आईएसबीटी, सेक्टर-7, घराैंडा, कोहंड ही बनाने की योजना थी।
पूरे मार्ग पर 17 स्टेशन ही बनाए जाने थे। मास्टर प्लान में इनसे अलग सोनीपत से लेकर करनाल तक चार और फ्यूचर स्टेशनों का उल्लेख किया गया है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एवं करनाल के सांसद मनोहर लाल का कहना है कि परियोजना को अब केवल केंद्रीय कैबिनेट की स्वीकृति का इंतजार है। इससे पहले प्रशासनिक स्तर पर सभी जरूरी औपचारिकताएं व रोड मैप संबंधित कार्य पूरा किया जा रहा है।
पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने इस परियोजना को स्वीकृति दे दी थी। केंद्रीय कैबिनेट की स्वीकृति के बाद धरातल पर काम इस वर्ष शुरू होता है तो वर्ष 2029 तक दिल्ली से करनाल तक रैपिड रेल का संचालन शुरू होने की संभावना है।
ये होंगे स्टेशन
- करनाल : न्यू आईएसबीटी, सेक्टर-7, घराैंडा, कोहंड, फ्यूचर स्टेशन : करनाल बाईपास
- पानीपत : पानीपत शहर, आईएसबीटी सिवाह, समालखा, फ्यूचर स्टेशन : सेक्टर-18
- सोनीपत : गन्नाैर, मुरथल, बहालगढ़, कुंडली, फ्यूचर स्टेशन : बारही और केएमपी
मृदा परीक्षण जोरों पर, मुख्यालयों से मांगी जमीन..
उपायुक्त उत्तम सिंह के अनुसार, रैपिड रेल के करनाल तक विस्तार के लिए मार्च में मृदा परीक्षण का कार्य शुरू हो चुका है। छह से आठ जगहों पर नमूने लिए जा रहे हैं। नेशनल हाईवे-44 के साथ ही बनने वाले कॉरिडोर के लिए केंद्र व राज्य सरकार के विभागों की जमीन ली जाएगी। अधिग्रहण के लिए केंद्रीय मंत्रालयों से संपर्क जारी है।
प्रोजेक्ट एक नजर में
- वर्ष 2020 में करनाल तक रैपिड रेल लाने की घोषणा हुई थी।
- वर्ष 2021 में ड्रोन मैपिंग कर रूट तय करते हुए एलिवेटेड ट्रैक के लिए पिलर, स्टेशन और डिपो बनाने के लिए जगह तय की गई।
- वर्ष 2025 करनाल तक लाने के लिए दोबारा फिजिबिलिटी सर्वे किया गया।
- मार्च, 2026 में मृदा परीक्षण का कार्य शुरू हुआ।
कैबिनेट की स्वीकृति जल्द हो जाएगी, इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रयास है कि इस परियोजना पर सिविल कार्य पूरा करके अगले दो वर्षों में काॅरिडोर पर रेल का संचालन शुरू हो जाए। इसके बाद 136 किलोमीटर के दिल्ली से करनाल तक का सफर महज सवा घंटे में तय हो सकेगा। - मनोहर लाल, सांसद करनाल एवं केंद्रीय मंत्री