इंद्री अनाजमंडी में पीआर जीरी की सरकारी एजेंसी द्वारा खरीद शुरू नहीं करने और औने-पौने दामों में बारीक जीरी खरीदे जाने से गुस्साई भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने गुरुवार को मंडी इंद्री मार्केट कमेटी के सचिव को करीब 1 घंटे बंधक बनाए रखा। इससे पहले किसानों ने मार्केट कमेटी के भवन में किसान पंचायत कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।
गुस्साए किसानों ने इंद्री अनाजमंडी में प्रदर्शन के बाद मार्केट कमेटी कार्यालय का ताला जड़ दिया साथ ही और मंडी में सरकारी खरीद एजेंसी द्वारा जीरी की खरीद शुरू करने की मांग की। इस दौरान मार्केट कमेटी के सचिव दीपक जब गुस्साए किसानों को समझाने पहुंचे तो किसानों ने उसे बंधक बना लिया और अपने ही बीच तब तक बिठाकर रखा जब तक कि उन्होंने किसानों को लिखित आश्वासन नहीं दिया। जानकारी के अनुसार प्रदेश के किसी भी जिले में अभी तक धान की सरकार खरीद शुरू नहीं हुई है।
इसी कारण मंडी में किसानों के खून पसीने की कमी को कम दामों में लूटा जा रहा है। इस मामले को लेकर गुरुवार को इंद्री अनाज मंडी में किसान यूनियन की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में प्रदेशाध्यक्ष रतनमान भी मौजूद थे। मार्केट कमेटी के सचिव दीपक ने बंधक बनाए जाने के बाद किसानों को करीब सवा 1 बजे लिखित आश्वासन दिया कि 11 सितंबर से मंडी में जीरी की बोली कराई जाएगी व एक भी दाना मंडी में बगैर बोली के नहीं बेचा जाएगा, बोली के वक्त किसान की सहमति भी ली जाएगी। इसके बाद ही गुस्साए किसानों का आक्रोश शांत हुआ और उन्होंने सचिव को छोड़ा।
घेराव के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि यह हरियाणा सरकार की साजिश है। इसलिए किसानों को औने-पौने दामों पर लूटा जा रहा है। इस दौरान प्रदेश कृषि मंत्री के मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। रतनमान ने कहा कि प्रदेश की किसी भी मंडी में धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं कराकर सरकार किसानों को जानबूझ कर लुटवाने का काम कर रही है। इस अवसर पर भाकियू नेता ओमपाल, सुभाष, सुशील, नेकी राम, सतबीर, बलबीर, राम मेहर, कंवरदीप व गुरदयाल आदि सैकड़ों किसान मौजूद थे।