संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। साल की आखिरी मार्गशीर्ष पूर्णिमा को कर्णनगरी में उत्साह से मनाया गया। कई मंदिरों में पाठ और पूजन हुआ। श्रद्धालुओं ने व्रत रखा और मां लक्ष्मी व भगवान विष्णु की पूजा करके खुशहाली मांगी। पुरानी अनाज मंडी स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में पंडित ने श्रद्धालुओं से केले के पेड़ की पूजा करवा, बेसन के लड्डूओं का भोग लगवाया। पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने व्रत रखा और भगवान दत्तात्रेय का अवतरण दिवस मनाया।
पंडित दीपक पांडे ने बताया कि आज के दिन भगवान विष्णु के पूजन तथा परिक्रमा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन पूजा, दान और व्रत करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का विशेष आशीर्वाद मिलता है। पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण पूजा का भी विशेष महत्व है, इसके साथ ही सत्यनारायण की कथा पढ़ना भी बेहद पुण्यदायी माना जाता है, इससे घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
वहीं पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की पूजा करने से कुंडली का चंद्र दोष से राहत मिलती हैं। श्रद्धालुओं ने पूर्णिमा के दिन स्नान के बाद गुड़, तिल, घी, कंबल, भोजन और धन का दान किया। श्री खाटू श्याम मंदिर में बाबा के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु दूर दूर से पहुंचे और बाबा को मोर पंख और ध्वज चढ़ाकर परिवार की खुशी की कामना की।
पंचमुखी हनुमान मंदिर में हुआ पाठ
जाटो गेट स्थित प्राचीन मस्तगिर अखाड़े के पंचमुखी हनुमान मंदिर में विशेष पाठ पूजन हुआ। पूर्णिमा के अवसर पर श्री सुंदरकांड का पाठ किया गया। महंत प्रहलाद गिरी जी के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने उत्साह से हिस्सा लिया। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने हनुमान जी की आराधना की। इसके बाद भंडारे का आयोजन हुआ।