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Karnal News: बॉक्सिंग में कर्णनगरी के मनोज ने जड़ा जीत का पंच

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- अफगानिस्तान के अमल अहमद को 61 किलो भार वर्ग में दी शिकस्त, दिल्ली के नजफगढ़ स्थित बॉक्सिंग अकादमी में हुई पेशेवर बॉक्सिंग प्रतियोगिता
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मुकेश राणा
करनाल। शाहपुर गांव के मनोज कुमार ने 61 किलो भार वर्ग में पेशेवर बॉक्सिंग प्रतियोगिता जीत कर जिले का नाम राेशन किया है। प्रतियोगिता का आयोजन दिल्ली के नजफगढ़ स्थित बॉक्सिंग अकादमी में किया गया। जहां पर उनका मुकाबला अफगानिस्तान के पेशेवर मुक्केबाज अमल अहमद सिद्धीक जदा के साथ हुआ। मनोज ने छह राउंड तक के संघर्ष में शुरू से ही बेहतर लय बनाकर रखी और छह राउंड टिके रहने के बाद जीत अपने नाम की।
मनोज ने बताया कि 24 नवंबर को उनका वजन किया गया और 25 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज के साथ उनका मुकाबला हुआ। इससे पहले गत 15-16 अप्रैल में मनोज ने दिल्ली में आयोजित पेशेवर प्रतियोगिता में दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज मनीष अहलावत को चार राउंड में मात दी थी। एमए की पढ़ाई के साथ-साथ मनोज मुक्केबाजी के लिए भी पसीना बहा रहा है।
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वह शाहपुर गांव में प्रतिदिन आठ से 10 घंटे तक पेशेवर बॉक्सिंग के लिए कड़ा अभ्यास करता है। मनोज ने बताया कि वह 2011 से मुक्केबाजी का प्रशिक्षण ले रहा है। पेशेवर मुक्केबाजी उन्होंने इसी वर्ष से शुरू की है। वह लगातार दो मुकाबले जीत चुके हैं। मनोज के पिता मेवा सिंह खेतीबाड़ी करते हैं। माता उर्मिला गृहिणी व छोटा भाई सलिंद्र कुमार ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करता है।
आंख से निकला खून मगर नहीं मानी हार
अफगानिस्तान के अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज अमल अहमद के साथ मनोज की तीन-तीन मिनट की छह राउंड मुक्केबाजी हुई। जिसमें दोनों मुक्केबाजों ने एक-दूसरे पर जोरदार पंच जड़े। इस दौरान मनोज की बांई आंख पर एक पंच लगने से खून बहने लगा था, लेकिन मनोज ने हिम्मत दिखाते हुए अमल अहमद को शिकस्त दी। जीत के बाद मनोज ने मुक्केबाज सुल्तान के अंदाज में सबका अभिवादन किया।
दोस्त ने दिखाई राह
मनोज ने बताया कि वह करीब 12 वर्षाें से मुक्केबाजी कर रहे हैं। शायद किस्मत का ही खेल है कि उन्हें वह कामयाबी नहीं मिल पाई जिसके वह हकदार है। फिर एक दिन उनके सिरसा के दोस्त पेशेवर मुक्केबाज बंटी ने उन्हें पेशेवर मुक्केबाजी करने की सीख दी। मनोज ने बताया कि शुरुआत में कोच राजेंद्र कुमार ने उन्हें कैथल में बॉक्सिंग की बारीकियां सिखाईं। उसके बाद उन्होंने कर्ण स्टेडियम का रुख किया। जहां पर उन्हें प्रशिक्षक सुरेंद्र चौहान व कीमत सिंह ने मुक्केबाजी के गुर सिखाए। मौजूदा समय में मनोज गांव शाहपुर में ही यू-ट्यूब व अन्य सोशल मीडिया की सहायता से पेशेवर बॉक्सिंग सीख रहे हैं।
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मनोज की उपलब्धियां
मनोज ने हरियाणा स्टेट प्रतियोगिता सोनीपत में रजत, स्कूली स्टेट प्रतियोगिता नरवाना में रजत, 2014 में चंद्र शेखर आजाद कप जूनियर मैन स्टेट चैंपियनशिप भिवानी में कांस्य पदक, इंटर सेंटर स्टेट बॉक्सिंग प्रतियोगिता भिवानी 2015 में कांस्य पदक, भारतीय खेल ग्रामीण महासंघ मुंबई में स्वर्ण पदक व तीन बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया।
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