करनाल। खरीद एजेंसियां व मार्केटिंग बोर्ड तो गेहूं खरीद के पहले जिले की सभी 23 अनाज मंडियों में खरीद के लिए तैयार नजर आया लेकिन लेकिन गिनेचुने किसान ही गेहूं लेकर अनाज मंडियों में पहुंचे। गेहूं में नमी निर्धारित 12 प्रतिशत से अधिक होने के कारण जिले के किसी भी खरीद केंद्र पर गेहूं नहीं खरीदा जा सका। खास बात तो यह भी कि अभी तक किसी भी किसान ने पोर्टल पर गेहूं लाने के लिए शेड्यूलिंग मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर नहीं की है। उपायुक्त अनीश यादव व अन्य अधिकारियों ने संबंधित अनाज मंडियों का दौरा करके व्यवस्थाएं देखीं। अधिकारियों व आढ़तियों से बातचीत की। सभी ने उम्मीद जाहिर की कि अभी गेहूं की फसल में नमी होने के कारण अभी कटाई शुरू होने में चार से पांच दिन का समय और लग सकता है। सात या आठ अप्रैल से ही बहुतायत में खरीद शुरू हो सके गी।
गेहूं खरीद को लेकर तैयारियां तो पहले ही पूरी कर ली गई थी। शुक्रवार की सुबह को एसडीएम गौरव कुमार ने आढ़तियों व अधिकारियों के साथ बैठक की। दोपहर को उपायुक्त अनीश यादव ने करनाल अनाज मंडी पहुंचे। डीएफएससी वीरंद्र सिंह, मंडी सचिव चंद्रप्रकाश, जिला विपणन एवं प्रवर्तन अधिकारी ईश्वर राणा आदि के साथ अनाज मंडी में कांटा, शौचालय, पेयजल, साफ सफाई आदि की व्यवस्था का चिलचिलाती धूप में पैदल भ्रमण कर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कई आढ़तियों की आढ़त पर जाकर ही उनसे उनकी समस्याएं जानीं। आढ़तियों ने लिफ्टिंग व सड़क खराब होने की समस्या बर्ताइं। उन्होंने इनका निराकरण कराने का भरोसा देते हुए कहा कि 72 घंटे में लिफ्टिंग सुनिश्चित की जाएगी। किसानों, आढ़तियों को किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। हेल्प डेस्क भी स्थापित किया गया है। फसल खरीद के लिए खरीद एजेंसियों की तैनाती भी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जिले की सभी अनाज मंडियों में खरीद व्यवस्था दुरुस्त है। मंडी सचिव चंद्रप्रकाश ने बताया कि पहले दिन सिर्फ एक किसान 50 क्विंटल गेहूं लेकर आया, जिसमें नमी 15 से 16 प्रतिशत थी, सुखाने के बाद खरीद की जाएगी। जिला विपणन एवं प्रवर्तन अधिकारी ईश्वर राणा ने बताया कि जिले में आज कहीं कहीं इक्का दुक्का किसान ही गेहूं लेकर पहुंचे हैं। आज कोई खरीद नहीं हो सकी है।
घरौंडा मंडी में गेहूं की दो ढेरियां पहुंची, खरीद नहीं
घरौंडा। नई अनाज मंडी में गेहूं खरीद के पहले दिन गेहूं की दो ढेरी मंडी में पहुंची, लेकिन नमी ज्यादा होने की वजह से सरकारी एजेंसी ने गेहूं की खरीद नही की। मार्केट कमेटी के सचिव अशोक कुमार ने किसानों से अपील की है कि गेहूं को सुखाकर मंडी में लेकर आए, ताकि किसानों को परेशानी न हो।
सरकार ने गेहूं की खरीद करने के लिए एक अप्रैल को निर्धारित कर दिया था। जिसके लिए तीन एजेंसी गेहूं की खरीद के लिए मंडी में लगाई गई है। जिसमें खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, वेयर हाउस व हैफेड को जिम्मेदारी दी गई है। शुक्रवार को एसडीएम अभय सिंह ने एजेंसियों की एक बैठक लेकर गेहूं खरीद को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए हैं। दोपहर को ही गेंहू की दो ढेरियां मंडी में पहुंच गई, लेकिन दोनों ढेरियों में नमी 15-16 था, जिसके कारण खरीद एजेंसियों ने ढेरी को रिजेक्ट कर दिया। बिजली, पानी, शौचालय व अन्य सभी प्रकार की व्यवस्था दुरुस्त है। उन्होंने बताया कि मंडी में आढ़तियों व किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। इधर, असंध सहित जिले की अधिकांश मंडियों में किसान पहले दिन गेहूं लेकर नहीं पहुंचे।
गड़बड़ी रोकने को प्रवेश-निकास द्वारा पर लगाए सीसीटीवी
कुंजपुरा। पिछले साल गेहूं खरीद में गड़बड़ी को देखते हुए इस बार अनाज मंडी कुंजपुरा व घीड़ में मार्केट कमेटी ने पुख्ता प्रबंध करते हुए प्रवेश और निकासी द्वार पर सीसीटीवी (एचडी) लगाए गए है। सचिव नरेश कुमार मान ने बताया कि मंडी में फसल की खरीद प्रकिया पूरी है लेकिन आज किसान गेहूं लेकर नहीं आए है। कटाई अभी शुरू नहीं हुई है, चार पांच दिन में कटाई शुरू होने के साथ ही आवक शुरू हो जाएगी। कुंजपुरा में एचडीएफसी एवं हैफेड जबकि घीड़ अनाज मंडी में इन दोनों एजेंसियों के अतिरिक्त वेयर हाउस द्वारा भी गेहूं की फसल खरीदी जाएगी।
किसान गेहूं लेकर पहुंचे, खरीदी नहीं
इंद्री। अनाज मंडी इंद्री में पहले दिन एक किसान अपनी गेहूं की फसल लेकर पहुंचा लेकिन शाम तक भी खरीद एजेंसी द्वारा गेहूं खरीद नही की गई। किसान बलजिंद्र सिंह अपनी फसल लेकर मंडी पहुंचा। इससे पूर्व एक किसान की ढेरी पहले ही आई हुई थी। परंतु नमी की मात्रा अधिक होने के कारण एजेंसी द्वारा गेहूं खरीद नही की गई। हैफेड एजेंसी की अधिकारी पूजा ने बताया कि मंडी में आई गेहूं में अभी नमी की मात्रा अधिक है।
सीएम, मंत्री, विधायक आदि भी करेंगे गेहूं की खरीद की निगरानी : चौहान
करनाल। हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने शुक्रवार को मंडी परिसर में गेहूं खरीद की तैयारियां देखने के बाद उपमंडल अधिकारी एवं मार्केट कमेटी के प्रशासक गौरव कुमार के साथ बैठक की।उन्होंने बताया कि हरियाणा की 410 अनाज मंडियां गेहूं की खरीद के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के अलावा सरकार के मंत्री, विधायक और अन्य पदाधिकारी खरीद प्रक्त्रिस्या के दौरान व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए निगरानी करेंगे। पहले दिन प्रदेश में 535 किसानों ने गेहूं लाने के लिए शेड्यूलिंग की है।
डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि हरियाणा सरकार गेहूं का एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा घोषित नीति के अनुरूप किसानों के खाते में उनकी फसल के दाम उठान के 72 घंटे के भीतर हस्तांतरित करने की भी ठोस व्यवस्था की गई है। पिछले खरीद सीजन में आई दिक्कतों के अनुभव के आधार पर भुगतान की प्रक्त्रिस्या में आने वाली अधिकतर दिक्कतों को पहले ही दुरुस्त कर लिया गया है।
ई-खरीद पोर्टल को लेकर कुछ तकनीकी दिक्कतों का हवाला दिए जाने पर डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान व कृषक कल्याण के अतिरिक्त मुख्य सचिव हरदीप सिंह ने खाद्य आपूर्ति विभाग में संयुक्त निदेशक डा. मेघना से फोन पर बात की। अतिरिक्त मुख्य सचिव के हवाले से डॉ. वीरेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों के लिए शेड्यूलिंग को अनिवार्य नहीं किया गया है। डॉ. मेघना ने डॉ. चौहान को बताया कि खरीद के पहले दिन राज्य के 535 से अधिक किसानों ने ऑनलाईन शेड्यूलिंग की सुविधा के अंतर्गत अपनी फसल मंडी में लाने की तिथि निर्धारित की। इसमें उपमंडल अधिकारी गौरव कुमार, निसिंग मार्केट कमेटी के एससीईओ बलवान सिंह, खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर साजन मान, हैफेड के प्रबंधक दर्शन सिंह, मंडी प्रधान सत्यनारायण, नरेंद्र लंबरदार और बेदी ट्रांसपोर्टर भी मौजूद रहे।