संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में हुए धान घोटाले में अलग-अलग थानों क्षेत्रों में दर्ज छह केसों में पुलिस की जांच जारी है। करनाल में फर्जी गेट पास मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली की मंगलवार शाम को तबियत बिगड़ गई। उसे सिविल अस्पताल लाया गया। जहां से हालत खराब होने पर कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। बताया गया कि उसे ब्रेन स्ट्रोक पड़ा है। मेडिकल कॉलेज से उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है।
जिले में अब तक सामने आए 18.92 करोड़ रुपये के धान घोटाले में अभी तक पुलिस फर्जी गेट पास मामले के आरोपियों से पांच लाख 25 हजार रुपये ही बरामद कर पाई है। मामले में निलंबित करनाल मार्केट कमेटी सचिव आशा रानी और ऑक्शन रिकॉर्डर यशपाल पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। मामले में मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली, दो ऑपरेटर अंकित व अंकुश, असंध मिल के मालिक शीशपाल और सुनील गोयल को पकड़ा जा चुका है। मामले में हैफेड़ डीएम अमित कुमार सहित छह अधिकारी कर्मचारी निलंबित किए जा चुके हैं।
मंगलवार शाम को जिला जेल से पंकज तुली नामक मरीज अस्पताल में आया था। हालत ज्यादा खराब होने के कारण कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज रेफर किया था। जहां से चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया। -डॉ. दीपक गोयल, सिविल अस्पताल, करनाल