संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। नई अनाज मंडी करनाल में हुए धान घोटाले में एफआईआर दर्ज होने के 11 दिन बाद शनिवार को मंडी सचिव आशा रानी को विभाग ने निलंबित कर दिया है। इन पर चार नवंबर को केस दर्ज हुआ था। तब से सचिव अपने कार्यालय से नदारद हैं। मंडी सचिव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संदिग्ध ठिकानों पर भी दबिश दे रही है।
करनाल में धान घोटाला सामने आने के बाद डीएमईओ ईश्वर सिंह की शिकायत पर मंडी सचिव आशा रानी, मंडी कर्मचारी राजेंद्र कुमार, अजय कुमार व अमित कुमार के खिलाफ करनाल शहर थाने में केस दर्ज किया गया था। चारों आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले में मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली और दो कंप्यूटर ऑपरेटर पुलिस गिरफ्त में आ चुके हैं। इनसे हुई पूछताछ में फर्जी तरीके से गेट पास काटने और धान घोटाले संबंधित मामले का खुलासा हुआ। अब प्रदेश सरकार ने मंडी सचिव को निलंबित कर दिया है।
अग्रिम जमानत याचिका खारिज
विभागीय सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए मंडी सचिव आशा रानी ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। हालांकि अब आशा रानी हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत लगाने के प्रयास में है। पुलिस उनके कार्यालय व मंडी से मिले इनपुट के आधार पर करनाल व दूसरे जिलों में अलग-अलग जगहों पर दबिश दे रही है।