संवाद न्यूज एजेंसी
मूनक। शेखूपुरा के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मंचूरी गांव की छात्राओं पर स्कूल के कुछ बच्चों ने फब्तियां कसीं। बेटियों की शिकायत पर पूरा गांव विरोध में आ गया। प्रधानाचार्य से मुलाकात की। समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने बच्चों को स्कूल भेजने से इंकार कर दिया। सोमवार और मंगलवार को बच्चे स्कूल नहीं भेजे गए। मंगलवार को अधिकारी पहुंचे। उनके समझाने पर ग्रामीण बच्चों को बुधवार से स्कूल भेजने के लिए राजी हुए।
बताया गया कि 22 अगस्त को घटना हुई थी। फब्तियां कसने के बारे में छात्राओं ने परिजन से शिकायत की। आक्रोशित ग्रामीण शनिवार को स्कूल पहुंचे और प्रधानाचार्य से शिकायत की। प्रधानाचार्य उन्हें संतुष्ट नहीं कर पाए। ऐसे में सरपंच की मौजूदगी में पंचायत कर फैसला लिया कि गांव के करीब 125 विद्यार्थियों को विद्यालय नहीं भेजा जाएगा। सोमवार और मंगलवार को गांव का कोई बच्चा स्कूल नहीं गया। जानकारी पर मंगलवार को शिक्षा व पुलिस अधिकारी पहुंचे। ग्रामीणों और छात्राओं से बात की। उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया।
प्रधानाचार्य, एक अध्यापक का तबादला करने, रास्ते में छात्राओं को सुरक्षा देने के आश्वासन पर ग्रामीण बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार हुए। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को परेशानी हो तो वह तुरंत सूचना दें ताकि हम समय पर समस्या को दूर किया जा सके।
शिकायत पर नहीं की गई थी कार्रवाई
ग्रामीणों ने बताया शेखूपुर गांव के कुछ बच्चे लड़कियों पर फब्तियां कसते हैं। गांव के लड़के विरोध करते हैं तो उनसे बदसलूकी की जाती है। प्रिंसिपल और स्कूल के एक अध्यापक से शिकायत की लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे शरारती लड़कों का दुस्साहस बढ़ता जा रहा है। गांव के सरपंच जितेंद्र कश्यप ने बताया कि प्रिंसिपल पंचायत को संतुष्ट नहीं कर सके।
दुर्गा शक्ति की ड्यूटी लगाई जाएगी
असंध थाना प्रभारी नसीब सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि सुबह और छुट्टी के समय दुर्गा शक्ति की ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि बेटियों को आने-जाने में परेशानी नहीं होगी। इसके साथ स्कूल के अध्यापकों को भी सुबह और छुट्टी के समय निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने बताया कि शेखपुरा के 15 से 20 शरारती बच्चों के माता-पिता से मिलकर उनकी जिम्मेदारी दी जाएगी। अगर फिर भी कोई शरारत करता है तो उसे पर कार्रवाई की जाएगी।