माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। 22 सितंबर से जीएसटी की नई दरें लागू हो चुकी हैं। लेकिन छोटे एवं दैनिक उपभोग के सामान पर अभी उपभोक्ताओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है। छोटे दुकानदार बिस्कुट, चिप्स, साबुन, तेल जैसे आइटम पर जीएसटी में कटौती का लाभ ग्राहकों को नहीं दे रहे हैं। वे इन आइटम पर छपे अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर ही बिक्री कर रहे हैं, जबकि अलग-अलग कंपनियों के मॉल में दो लेकर 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इनमें जीएसटी कटौती के अलावा त्योहार का ऑफर भी दिया जा रहा है।
दैनिक उपभोग की इन वस्तुओं पर सरकार ने जीएसटी दर को 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत या शून्य कर दिया है। इधर, दुकानदार सतीश, विवेक और विनय का कहना है कि उन्होंने अगस्त या सितंबर की शुरुआत में जो स्टॉक कंपनी या डिस्ट्रीब्यूटर से लिया है, उसी के अनुसार ही बेच रहे हैं। नया स्टॉक जो आया है उस पर जीएसटी कम होने के कारण रेट भी कम हुआ है इसलिए वह सामान नए दाम पर बेचा जा रहा है।
वहीं मॉडल टाउन व कुंजपुरा रोड के मॉल के मैनेजर ने बताया कि उनके यहां बिकने वाले सामान की बिलिंग ऑनलाइन होती है। कंपनी की ओर से रेट तय किए जाते हैं। जो सामान वे बेच रहे हैं, उनका एमआरपी पुराना ही है। लेकिन बिल काटते समय जैसे ही पिन नंबर डालते हैं तो नया रेट आ जाता है। इसमें दो प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत की छूट ग्राहकों को दी गई है।
(कर विशेषज्ञ)
जीएसटी रिफंड न मिलने से असमंजस में दुकानदार
सीए प्रदीप अरोड़ा का कहना है कि यह सारी परेशानी 22 सितंबर के बाद पुरानी दरों के मुताबिक जीएसटी रिफंड नहीं मिलने की वजह से हो रही है। हालांकि इस प्रकार की रोजमर्रा के आइटम की निर्माता कंपनियों ने अपने डीलर और छोटे दुकानदारों को साफ तौर पर कहा है कि कंपनी उनके नुकसान की भरपाई करेगी और वे नई दर पर सामान की बिक्री करें। क्योंकि सरकार ने 22 सितंबर से ही नई दरों पर बिक्री का आदेश दिया है और इसका कोई विकल्प नहीं है।
ग्राहक से वसूला जाता है जीएसटी
बाजार में पैक्ड आइटम जो बेचे जाते हैं, उनके एमआरपी में जीएसटी शामिल होता है। जैसे 20 रुपये के एमआरपी वाले चिप्स की कीमत में 12 प्रतिशत जीएसटी शामिल होता है। निर्माता कंपनी के यहां से डीलर जब चिप्स का पैकेट लेता है तो वह उस चिप्स पर लगने वाला 12 प्रतिशत जीएसटी चुका कर उसे बिक्री के लिए लाता है। डीलर दुकानदार को देता है जो 20 रुपये में चिप्स को बेचकर ग्राहक से वह 12 प्रतिशत जीएसटी वसूलता है। जीएसटी पूरी तरह से ग्राहक से वसूला जाता है, इससे दुकानदार या डीलर का कोई लेना-देना नहीं होता है।