करनाल के इतिहास में यह शायद एक अद्भुत क्षण है जब देश की संस्कृति के
अलग-अलग रूप एक ही मंच पर देखने को मिल रहे हैं। कला और संस्कृति के इस
अनूठे संगम में विदेशी कलाकार भी हिस्सा बन रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय
सांस्कृतिक उत्सव हारमनी 2015 के छठे दिन करनाल के पुलिस अधीक्षक पंकज नैन
ने दीप शिखा जलाकर कार्यक्रम का आगाज किया। उनके साथ हरियाणा चैंबर के
प्रदेश उपाध्यक्ष रूप नारायण चांदना व करनाल व्यापार मंडल के प्रधान जेआर
कालड़ा विशिष्ट अतिथि के रूप मेें शामिल हुए।
पुलिस अधीक्षक पंकज नैन ने
कहा कि करनाल आज हरियाणा प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में उभर रहा
है और इसमें निफा जैसी संस्थाओं का बड़ा योगदान है। उन्होंने जापान से आई
कलाकार एलेना तोमीओका का स्वागत करते हुए कहा कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान से
विश्व बंधुत्व की भावना विकसित होती है। आज भारत व जापान की मिलीजुली
सांस्कृतिक संध्या का आगाज मणिपुर की टीम के नाटक से किया गया। इसके बाद
राष्ट्रीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में असम, राजस्थान, छत्तीसगढ़ के
कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का जीवंत उदाहरण मंच पर प्रस्तुत किया। गुजरात के
रमेश ने अपनी मधुर आवाज से खूब तालियां बटोरी।
विगत रात्रि वाद्य यंत्र
हार्प (आरपा) पर अपनी अंगुलियों से संगीत की मधुर ध्वनियां निकाल कर सबको
मंत्रमुग्ध करने वाली एलेना तोमिओका ने वीरवार को अपनी शानदार प्रस्तुति
दी, जिसे दर्शकों की सराहना मिली। एलेना ने कहा कि वह पहले भी करनाल आ चुकी
हैं, लेकिन इस बार उन्हें अपनी परफारमेंस के साथ-साथ भारत के विभिन्न
प्रांतों की कला को देखने का मौका मिला, जिसको लेकर वे उत्साहित व खुश हैं।
उनके साथ आई इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ परफेक्ट आर्ट्स की प्रधान इत्सुको
फुजीमोतो नंदी ने भी कहा कि कला के क्षेत्र में भारत सदैव आगे रहा है। आज
सायंकालीन प्रस्तुतियों में असम की सूत्रधार टीम ने हनुमान चालीसा व आज का
एकलव्य कोरियोग्राफी प्रस्तुत
की। सुलाकुची नटराज कला केंद्र असम ने
शास्त्रीय व मार्डन डांस की एकल प्रस्तुतियों के साथ-साथ बीहू लोक नृत्य
पेश किया। पंथोरा कल्चर मूवमेंट मणिपुर, कथक नृत्य अकादमी, नागौर
(राजस्थान) के कलाकरों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से देश की एकता व अखंडता
के प्रतीक के रूप में भारतीय संस्कृति की झलक दिखाकर खूब तालियां बटोरी।
कार्यक्रम में निर्णायक मंडल में महाराष्ट्र नांदेड़ से आए प्रसिद्ध नृत्य
गुरु व कलाकार भरत जेठवानी व करनाल से रिषीपाल ने डांस का अवलोकन किया,
जबकि कृष्ण कुमार मलिक व समीर पाल नाटकों के निर्णायक मंडल में रहे।
कार्यक्रम का समापन संभार्य ग्रुप पलवल के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नाटक
से किया गया, जिसने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया। कार्यक्रम में निफा
अध्यक्ष प्रितपाल सिंह पन्नु, संयोजक एडवोकेट नरेश बराना, डा. लाजपत राय
चौधरी, सतेंद्र मोहन कुमार सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
प्रात:कालीन सत्र में स्कूल के विद्यार्थियों के लिए फैंसी ड्रेस
प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें करनाल के विभिन्न स्कूलों
केविद्यार्थियों ने जहां सामाजिक मुद्दों पर फैंसी ड्रेस के माध्यम से
संदेश दिए, वहीं देशभक्तों के वेश धारण कर शहीदों को भी याद किया। माउंट
आबू के प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से आए कला एवं
सांस्कृतिक
प्रभाग के मुख्यालय संयोजक दयाल भाई, सतीश भाई, प्रेम बहन व करनाल के जिला
बाल कल्याण अधिकारी अमरनाथ नरवाल ने विजेता बच्चों को पुरस्कार वितरित
किए।
इन्होंने जमाई धाक
जूनियर ग्रुप में प्रथम पुरस्कार दून पब्लिक
स्कूल की खुशबू, द्वितीय श्रीकृष्ण प्रणामी स्कूल की साक्षी, तृतीय
श्रीकृष्ण प्रणामी स्कूल के पारस व चौथा सम्मान एंथम इंटरनेशनल के प्रेरित
को मिला। सब जूनियर ग्रुप में सेंट कबीर पब्लिक स्कूल के नीरव ने प्रथम
स्थान हासिल किया, जबकि एंथम इंटरनेशनल स्कूल के पुलकित को दूसरा इनाम मिला
और इसी स्कूल की असमीत को भी दूसरा स्थान दिया गया। तीसरा व चौथा पुरस्कार
राइजिंग
सन पब्लिक स्कूल की गुजारिश व श्रीकृष्ण प्रणामी स्कूल की दीक्षा को मिला।
बच्चों को पुरस्कार देने के साथ-साथ ब्रह्माकुमार दयाल भाई, सतीश भाई,
ब्रह्माकुमारी प्रेम बहन ने कला में आध्यात्मिकता व संस्कारों
के महत्व पर रोशनी डाली, जबकि जिला बाल कल्याण अधिकारी अमरनाथ नरवाल ने
ऐसे सुंदर आयोजन के लिए निफा को बधाई दी। फैंसी ड्रैस प्रतियोगिता में
अंजु शर्मा व उषा चौधरी निर्णायक मंडल में शामिल रहे।