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Karnal News: मैम... कैसे काम करता है 112 नंबर, एफआईआर कैसे दर्ज कराएं

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 अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से महिला थाने में आयोजित दोस्त पुलिस कार्यक्रम के दौरान एसडी गर्ल्स स
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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। मैम... 112 नंबर पर कॉल करें तो पुलिस को कैसे पता चलता है? कैसे कार्रवाई की जाती है? एफआईआर कैसे और कब दर्ज कराई जाती है? रेलवे रोड स्थित एसडी कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने अमर उजाला दोस्त पुलिस कार्यक्रम में महिला थाना प्रभारी कन्नूप्रिया से एक के बाद एक सवाल पूछे। जिज्ञासा से भरी छात्राओं के हर सवाल का उन्होंने जवाब दिया। शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राएं अपने शिक्षकों के साथ महिला थाना पहुंची थीं।

थाना प्रभारी ने पुलिस की कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 112 नंबर केंद्रीयकृत है। इस पर कॉल करके पूरे हरियाणा में कहीं से भी मदद ले सकते हैं। कॉल करने वाले की लॉकेशन के आधार पर संबंधित थाना या गश्त पुलिस उस तक पहुंचती है। एफआईआर यानी प्रथम सूचना रिपोर्ट किसी भी अपराध की लिखित जानकारी होती है। उन्होंने कहा कि पुलिस से बिल्कुल डरने की जरूरत नहीं है। यह आपके और आपके अधिकारों की सुरक्षा के लिए है। बिना डर व संकोच के पुलिस को अपना दोस्त मानकर अपनी बात कह सकते हैं। उन्होंने महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, डॉयल 112 हेल्पलाइन नंबर, पॉक्सो एक्ट की जानकारी दी। इस दौरान प्रिंसिपल कीर्ति शर्मा के नेतृत्व में शिक्षिका सुमन ने भी छात्राओं का मार्गदर्शन किया।
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एफआईआर दर्ज कैसे होती है : आरजू

-एफआईआर यानी कि पहली सूचना किसी भी अपराध की लिखित जानकारी होती है। अपराध होने पर सबसे पहले लिखित तौर पर पीड़ित से आने वाली जानकारी को शिकायत के रूप में दर्ज किया जाता है, जिसकी एक कॉपी शिकायतकर्ता को दी जाती है।
सबसे बड़े अपराध क्या हैं : मानसी

आज के समय में नशा और साइबर अपराध एक बड़ा अपराध बनकर उभर रहे हैं। लोग नशे के कारण बड़े-बड़े से अपराध कर रहे हैं। साइबर अपराध के लिए स्वयं को सोशल मीडिया के अधिक उपयोग से दूर रखें। निजी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर करने से बचें।



कोई पीछा करता है तो क्या करें : प्राची


-पहली बात अगर आपके साथ कुछ गलत हो रहा है तो इस स्थिति में पहले अपने माता-पिता और शिक्षकों से बात बताएं। यह सबसे पहला स्तर है कि आप अपनी बातें साझा करें, इसके बाद यदि कोई लगातार पीछा या गलत बात कर रहा है तो उसकी शिकायत करें।
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गुमशुदगी 24 घंटे बाद क्यों दर्ज होती है: कोमल


-बच्चों की गुमशुदगी में तुरंत शिकायत दर्ज करने का प्रावधान है, लेकिन युवा या उससे अधिक उम्र के लिए 24 घंटे का समय लिया जाता है। क्योंकि कई बार लोग नाराज होकर या अन्य किसी कारण से कहीं चले जाते हैं। सुनिश्चित हो जाने पर जांच प्रक्रिया शुरू की जाती है।
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