करनाल में नगर निगम की मेयर रेनू बाला गुप्ता और उनके पक्ष के पार्षदों का धरना चार दिन के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया।
विकास नहीं होने के मामले में मेयर गुप्ता अपने समर्थक पार्षदों सहित निगम कार्यालय के सामने चार दिन से धरने पर बैठीं थीं। सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने मेयर और पार्षदों की शुक्रवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से बात कराई।
मुख्यमंत्री ने पहले थोड़ा नाराजगी जताई लेकिन बाद उन्होंने पार्षदों का पक्ष सुनने के बाद कहा कि वे लोग आपस में तालमेल बनाकर विकास के कार्यों को गति दें। सुनवाई नहीं करने वाले और भ्रष्ट अधिकारियों के नाम लिखकर उन्हें भेज दें। कोई भी दिक्कत हो तो उन्हें लिखित में भेजें या फिर उनसे मिलकर बात करें।
मुख्यमंत्री के सकारात्मक आश्वासन पर मेयर रेनू बाला गुप्ता और सीनियर डिप्टी मेयर समेत तमाम दसों पार्षदों ने मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया। इन लोगों ने शहर के विकास के मामलों में हुए विरोध में सहयोग करने पर सांसद डॉ. अरविंद शर्मा और शहर के लोगों का आभार जताया है।
मेयर रेनू बाला गुप्ता, सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग, पार्षद बलविंदर सिंह, राकेश कुमार उर्फ भाग सिंह, सुजाता अरोड़ा, विनोद तितोरिया, कमलेश लाठर व मोहित कंबोज समेत दस पार्षद शुक्रवार को सांसद के नेतृत्व में सीएम के दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचे।
वे लोग सुबह करीब सवा नौ बजे सीएम आवास पर पहुंचे। करीब आधे घंटे तक उन लोगों ने मुख्यमंत्री से शहर के नगर निगम से जुडे़ तमाम मुद्दोें पर विस्तार से चर्चा की। सीएम आवास पर दो बार चाय की चुस्कियां लेने के साथ पार्षदों ने जहां अपना पूरा पक्ष रखा, वहीं, सीएम ने साफ कहा कि मन में वे लोग कतई भी कुंठा नहीं पालें। उन्हें बताएं ताकि समय पर ठीक काम हो सके।
उन्होंने कहा कि हाउस के पास पावर होती है। इसके बावजूद कोई दिक्कत आएगी तो हल की जाएगी। इससे पूर्व सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने पार्षदों के पक्ष को मजबूत करने के साथ सीएम के सामने उनकी जबरदस्त वकालत की। सीएम से पूरा सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद वे लोग करनाल लौटे।
नगर निगम की मेयर रेनू बाला गुप्ता और अन्य पार्षदों ने कहा कि वे लोग अब नए सिरे से लोगों के पक्ष में और शहर के विकास के लिए काम करना प्रारंभ करेंगे।