इंद्री। मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। इंद्री खंड के गढ़ी बीरबल गांव की युवा खिलाड़ी लिफ्टर मिरल कांबोज पर ये पंक्तियां सटीक बैठती हैं। मिरल ने नवंबर माह में आयोजित ऑल इंडिया अंडर‑19 भारोत्तोलन प्रतियोगिता में रजत पदक जीत कर अपनी प्रतिभा दिखाई। मिरल ने यह मुकाम अपनी मेहनत के दम से पाया है, अब वह अपनी प्रतिभा के दम पर उभरी है। मिरल ने अपनी इस उपलिब्ध से अपने कस्बे के साथ-साथ जिले का नाम भी रोशन किया है। मिरल ने बताया कि इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन अरुणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर में हुआ। मिरल की इस उपलब्धि पर उनके प्रशिक्षक और साथी लिफ्टरों ने उनके तकनीकी कौशल और दृढ़ निश्चय की सराहना की। भारोत्तोलन में भविष्य बनाने वाले युवा खिलाड़ियों के लिए मिरल की यह सफलता प्रेरणास्रोत है। वर्ष 2023 में मिरल ने यमुनानगर क्षेत्र के बिलासपुर स्थित कर्णमल्लेश्वरी अकादमी में दाखिला लिया। इस अकादमी में मिरल ने भारोत्तोलन से जुड़ी कई बारीकियों को समझा। वर्ष 2024 में मिरल ने दिल्ली स्थित एक निजी अकादमी से भी प्रशिक्षण लिया। संवाद
इंद्री के एक निजी स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा मिरल तीन बहनों में सबसे बड़ी हैं। उनकी दो छोटी बहनें चहक व सनाया भी अपनी बहन की सफलता से प्रेरित होकर खेलों में आगे बढ़ रही हैं। मिरल के पिता इंद्री के गांव शेरगढ़ खालसा में जेबीटी अध्यापक है। उन्होंने बताया कि मिरल का सपना शुरू से ही भारोत्तोलन में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने का रहा है।
उपलब्धियां
- मिरल ने जिलास्तर की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर राज्यस्तर की प्रतियोगिता में जगह बनाई।
- राज्य स्तर पर अपने वर्ग में भारोत्तोलन की हर प्रतियोगिता में मिरल ने पदक जीते।
- सितंबर माह में यमुनानगर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीता।