जाटो गेट में मकान के तह गिरने से बाल बाल बचा परिवार। सोशल मीडया
करनाल। शहर के जाटों गेट क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक मकान के लिंटर की परत गिर गई। दंपती मलबे के नीचे दबकर घायल हो गए। पास में ही सो रही उनकी सात माह की बच्ची बाल-बाल बची। चीखपुकार पर आसपास के लोग पहुंचे और उन्हें बाहर निकाला। हालत गंभीर होने पर महिला को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया है। थाना शहर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जाटों गेट निवासी आकाश, दिनेश, राजकुमार ने बताया कि नीतिश कुमार (25) अपनी पत्नी रानी के साथ उनके पड़ोस में किराए पर रहते हैं। वीरवार की रात को दंपति अपनी सात माह की बेटी के साथ अपने कमरे के अंदर सोए हुए थे। शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। बाहर निकले तो जोर से चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचे तो मकान की छत का हिस्सा टूटकर गिरा हुआ था।
दंपती लिंटर के मलबे के नीचे दबे हुए थे। पास में सात माह की बेटी लेटी हुई थी। उसे चोट नहीं लगी थी। दंपती मलबे में दबने के कारण गंभीर रूप से घायल थे। दोनों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से हालत गंभीर होने पर महिला को पीजीआई रेफर कर दिया गया है। उनके सिर व अन्य हिस्सों में गंभीर चोट लगी है। ज्यादा खून भी बह रहा था।
नीतिश कुमार को पेट में ज्यादा चोट लगी थी। उनका इलाज सिविल अस्पताल में चल रहा है। हादसे की सूचना के बाद थाना शहर पुलिस की टीम माैके पर पहुंची और निरीक्षण किया। लिंटर कमजोर होना हादसे का कारण माना जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पड़ोसी आकाश ने बताया कि नीतिश मेडिकल स्टोर पर हेल्पर हैं। वह पिछले पांच साल से मकान में रह रहे हैं। दो साल पहले ही उनकी रानी के साथ शादी हुई है। सात माह पहले बेटी का जन्म हुआ।
छत का लिंटर का नीचे का हिस्सा गिर जाने से दंपती का सारा सामान क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नीतिश ने एक-एक करके सारा सामान जोड़ा था। सभी सामान इसी कमरे में था। लोगों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है। मदद की जाए तो दोनों का बेहतर इलाज हो सकेगा।