- भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, बोले- कभी पर्चियों से नौकरी देने में बदनाम था हरियाणा, अब है पारदर्शिता
- प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन में उद्यमी, व्यापारी एसोसिएशन और संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ बैठक
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि हरियाणा में करनाल ही ऐसा जिला है जहां की जनता के दोनों हाथों में लड्डू हैं। अब जनता की जिम्मेदारी बनती है, इसे संभालने की। क्योंकि सीएम रह चुके और मौजूदा सीएम यहां प्रत्याशी हैं, जिनकी जीत ही विकास को और रफ्तार देगी।
वे भाजपा की ओर से आयोजित प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन में पहुंचे थे। एक निजी होटल के बंद हॉल में उन्होंने उद्यमी, व्यापारी एसोसिएशन और संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ बैठक करके उन्हें संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कभी पर्चियों पर नौकरी देने में हरियाणा बदनाम था, अब पारदर्शिता से यहां नौकरी मिल रही है। उन्होंने कहा कि जब तीसरी बार सरकार बनेगी तो 70 साल से अधिक आयु के सभी लोगों को निशुल्क इलाज की सरकार व्यवस्था करेगी।
उन्होंने कहा कि मनोहर लाल ने हरियाणा को पारदर्शी शासन दिया। ऐसी योजनाएं चलाईं जिनसे हरियाणा के लोग लाभान्वित हुए। इसी तरह सीएम नायब सैनी भी नई योजनाओं से हरियाणा के विकास को गति दे रहे हैं। उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि आप उनमें से हो जो वोट दिलाने की ताकत रखते हो।
सेना को किया मजबूत : नड्डा
जेपी नड्डा ने कहा कि पहले सेना को हथियार भी ढंग से नहीं मिल पाए थे, जिससे कई बार जवान शहीद हो जाते थे। इसके अलावा हमारे फाइटर प्लेन भी अपडेटेड हो जाते थे। जिनके कारण जवानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लेकिन आज वह समय है, जब सेना सक्षम हो चुकी है। उसके पास बुलेट प्रूफ जैकेट हैं। राफेल जैसे विमान है। सड़कें पहले नहीं हुआ करती थी, बॉर्डर तक पहुंचने में भी कई-कई दिन का समय लग जाता था। लेकिन आज एक से डेढ़ दिन में ही पूरी फोर्स बॉर्डर तक पहुंच जाती है।
केंद्र से आगे बढ़कर हरियाणा सरकार ने किया काम
जेपी नड्डा ने कहा कि पहले सिलिंडर की दिक्कत थी, लेकिन उज्ज्वला योजना के तहत वह भी दिक्कत खत्म कर दी गई। आने वाला समय ऐसा होगा कि घरों तक गैस की पाइप लाइन पहुंचेगी। आपका बिजली का बिल भी जीरो हो जाएगा। क्योंकि सोलर ऊर्जा से घर पर ही बिजली बनेगी। पहले कोई व्यक्ति बीमार हो जाता था तो मदद के लिए चक्कर काटता था। आज लोगों को घर बैठे ही इलाज के लिए पैसा मिल जाता है। हरियाणा पर्ची और खर्चियों के लिए माहिर था, लेकिन उस कॉन्सेप्ट को तोड़ा और बिना पर्ची खर्ची के नौकरियां मिलीं।