पेशे से डॉक्टर हैं सुमित
जानकारी के अनुसार, निसिंग निवासी एवं पेशे से डॉक्टर सुमित ठाकुर रविवार शाम करीब छह बजे अपने दोनों पालतू लैब्राडोर जिम्मी और मैक्स को टहलाने के लिए घर से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान एक ब्लैक कोबरा घर के मुख्य गेट से अंदर घुसता दिखाई दिया। इससे पहले कि परिवार के सदस्य कुछ समझ पाते, दोनों पालतू कुत्ते तेजी से कोबरा की ओर दौड़ पड़े।
मुंह और पंजे पर कोबरा ने मारे डंक
डॉ. सुमित ठाकुर ने बताया कि जैसे ही कोबरा ने फन फैलाया, जिम्मी ने उस पर हमला कर दिया। इस दौरान कोबरा ने उसके मुंह और पंजे पर कई बार डंक मारे। हालांकि, डंक लगने के बावजूद जिम्मी पीछे नहीं हटी और लगातार कोबरा से लड़ती रही। वहीं, दूसरा लैब्राडोर मैक्स भी कोबरा के आसपास घूमता रहा, ताकि वह आगे न बढ़ सके।
25 सेकंड चली जंग
करीब 25 सेकंड तक चले संघर्ष के बाद कोबरा पास में रखे गमलों और दीवार के किनारे जाकर छिप गया। इसके बाद जिम्मी और मैक्स उसे तलाशते रहे। लेकिन कोबरा के जहर का असर तेजी से फैलने लगा और करीब आठ मिनट के भीतर जिम्मी की हालत बिगड़ गई। परिवार ने तत्काल स्नेकमैन और पशु चिकित्सक को सूचना दी लेकिन डॉक्टर के पहुंचने से पहले ही जिम्मी ने दम तोड़ दिया।
नौ साल से परिवार का हिस्सा थी जिम्मी
डॉ. सुमित ठाकुर ने बताया कि वे करीब नौ साल पहले जिम्मी को करनाल से लेकर आए थे। वह परिवार के सदस्य की तरह थी। गर्मियों में उसके लिए एसी और कूलर और सर्दियों में हीटर की व्यवस्था की जाती थी। उन्होंने बताया कि जिम्मी को उनके तीनों बच्चों से विशेष लगाव था और वह घर की सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाती थी।
जिम्मी की वफादारी ने किया भावुक
डॉ. सुमित का कहना है कि यदि जिम्मी ब्लैक कोबरा से नहीं भिड़ती, तो सांप घर के अंदर घुस सकता था और कोई बड़ा हादसा हो सकता था। जिम्मी की बहादुरी और वफादारी ने पूरे परिवार को भावुक कर दिया है।