संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सिविल अस्पताल के लेबर वार्ड में बनी मिनी लैब दोबारा शुरू हो गई है। अब गर्भवती महिलाओं और थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों व उनके तीमारदारों को रिपोर्ट के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। फिर से उन्हें तय समय अनुसार ही रिपोर्ट मिल सकेंगी।
कोरोना बढ़ने के बाद मिनी लैब के टेक्निशियन (एलटी) को छह अप्रैल से संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेने के लिए लगा दिया गया था। जिसके बाद से गर्भवती महिलाओं और थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को सैंपल कलेक्शन और रिपोर्ट के लिए धक्के खाने पड़ रहे थे। अमर उजाला में 20 अप्रैल के अंक में प्रमुखता से गर्भवती महिलाओं की समस्या से संबंधित खबर को प्रकाशित किया था। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने जल्द लैब को शुरू करने का आश्वासन दिया था। जो अब सोमवार से मिनी लैब दोबारा से गर्भवती महिलाओं और थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के सैंपल कलेक्शन और रिपोर्ट देने के लिए खुल गई है।
नवंबर 2022 में शुरू हुई थी सुविधा
गर्भवती महिलाओं और थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को लेबर वार्ड के अंदर ही लैब की सुविधा देने के लिए पूर्व पीएमओ डॉ. पीयूष शर्मा ने दो नवंबर 2022 को लेबर वार्ड के अंदर ही एक मिनी लैब का निर्माण करवाया था और उसमें एक लैब टेक्नीशियन को नियुक्त किया था। इसके बाद से उन्हें मुख्य लैब में बार-बार नहीं जाना पड़ता था।