प्रचार और केंद्र कीवीवीआईपी हस्तियों की शिरकत केमामले गीता जयंती कुरुक्षेत्र उत्सव फीका रहेगा। इस बार भी यूपीए सरकार के किसी भी मंत्री ने इस उत्सव में आने की हरी झंडी नहीं दी।
हालांकि एनडीए सरकार में गीता जयंती कुरुक्षेत्र उत्सव के दौरान देश के केंद्रीय मंत्रियों से लेकर उप राष्ट्रपति और उपप्रधानमंत्री तक शामिल हुए, लेकिन 2004 से लेकर 2011 तक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या उप राष्ट्रपति और उपप्रधानमंत्री तो दूर किसी केंद्रीय मंत्री तक ने इस कार्यक्रम में शिरकत नहीं की, जबकि यूपीए वन में पड़ोसी जिले की सांसद कुमारी सैलजा केंद्र में सांस्कृतिक एवं पर्यटन मंत्री के पद पर रह चुकी हैं।
ये हालात तब है, जब गीता के संदेश और कुरुक्षेत्र को विश्व मानचित्र पर लाने के दावे लगातार गीता जयंती पर किए जा रहे हैं। बावजूद इसके केंद्र सरकार इस कार्यक्रम से दूरी बनाकर गीता जयंती कुरुक्षेत्र उत्सव के महत्व को घटा रही है।
स्थानीय संगठनों और गणमान्य लोगों का कहना है कि जिस गीता जयंती कुरुक्षेत्र उत्सव को छोटे से कार्यक्रम से राष्ट्रीय उत्सव तक बनाने की मुहिम एनडीए सरकार में चली थी, वह मुहिम ठंडी पड़ चुकी है।
यही कारण है कि आज गीता जयंती कुरुक्षेत्र उत्सव का प्रचार भी सीमित दायरे में सिमट कर रह गया। अंदाजा इस बात लगाया जा सकता है कि आयोजकों ने गीता जयंती उत्सव के कार्यक्रमों की जानकारी और प्रचार के लिए होर्डिंग बोर्ड लगवाए वे सिर्फ धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में ही विभिन्न स्थानों पर लगाए जा रहे हैं।
चंडीगढ़ की एक कंपनी के कर्मचारियों के मुताबिक उन्हें सिर्फ कुरुक्षेत्र में ही 60 बोर्ड लगाने का ठेका मिला था, जो आज से लगाना शुरू किया गया है।
इन कर्मचारियों के मुताबिक यह बोर्ड कुरुक्षेत्र जिला के अन्य किसी कसबे में नहीं लगेंगे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले गीता जयंती के कार्यक्रम कुरुक्षेत्र के अलावा पिहोवा और अमीन के अलावा अन्य कई जगहों पर आयोजित किए जाते रहे हैं, वहीं अब प्रचार तक के लिए इन जगहों पर साइन बोर्ड तक नहीं लगे।
प्रचार के होर्डिंग राज्य के सभी जिलों में नहीं सीईओ
गीता जयंती के आयोजक एवं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के एग्जीक्यूटिव आफिसर सतबीर सिंह कुंडू के मुताबिक प्रचार का जिम्मा चंडीगढ़ डीपीआर को दिया गया है। प्रचार सामग्री कहां लगेगी उन्होंने तय किया है। हालांकि कुंडू ने भी यह स्पष्ट किया कि हरियाणा के सभी जिलों में प्रचार के लिए होर्डिंग नहीं लगाए जा रहे, जबकि कुछ चुनिंदा जगहों पर होर्डिंग जरूर लगेंगे।