जिले का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के
निर्माण कार्य को बंद करने वाली सुप्रीम कंपनी ने आखिरकार घुटने टेक दिए
हैं।
अब कंपनी ने काम शुरू कर दिया है और निर्माण कार्य में तेजी लाने के
लिए डीएसआर बिल्डर ग्रुप का सहारा लिया है। कुल मिलाकर कंपनी अपना निर्माण
कार्य तय अवधि तक पूरा नहीं कर सकती। सुप्रीम कंपनी ने करीब तीन करोड़ आठ
लाख रुपये के बिल पास न करने पर चार महीने पहले काम रोक दिया था।
एचएससीसी
(नोएडा) की शर्त थी कि निर्माण कार्य चलता रहेगा तो बिलों का भुगतान हो
जाएगा, लेकिन सुप्रीम कंपनी कहती रही कि पैसा आएगा तभी काम चालू होगा।
एजेंसी और कंपनी दोनों ही अपने निर्णय पर अडिग रहे। चार महीने बीतने के बाद
कंपनी ने एजेंसी की शर्त मानकर अपने पास से फिर से निर्माण कार्य को चालू
किया है। फिलहाल कंपनी के बिल पास नहीं हैं।
मेडिकल कॉलेज करीब 650
करोड़ रुपये से 21 महीने में बनकर तैयार करने की समय अवधि है। निर्माण
कार्य पर बार-बार लग रहे ब्रेक के कारण 21 महीने में मात्र बिल्डिंग ही
खड़ी होगी। उसको कंप्लीट करने में एक वर्ष और लग सकता है। उल्लेखनीय है कि
मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्य का टेंडर एचएससीसी (नोएडा) को दिया हुआ है और
वह तीन कंपनियों से काम करवा रही हैं।
इसमें से सुप्रीम ने 137 करोड़ रुपये
का निर्माण कार्य पूरा करना है, जो लंबे समय से बंद किया हुआ था और इसी
कंपनी ने बड़े हिस्से का निर्माण कार्य पूरा करना है। सुप्रीम कंपनी का
ढांचा बना हुआ है और मशीनें चलाने की देरी है।
ये बनी सहमति
सुप्रीम
कंपनी के साइट इंचार्ज दिवाकर ने बताया कि एजेंसी की शर्त मानकर काम चालू
किया है। अब पास से पैसा खर्च कर निर्माण कार्य करेंगे और पिछले बिल पास
होते जाएंगे। एजेंसी ने सुप्रीम पर सवाल किया कि यदि बिल पास करवाकर काम
नहीं किया तो इसकी क्या गारंटी है। इस पर सुप्रीम का ठोस जवाब नहीं आया।
कुल मिलाकर एजेंसी ने बोल दिया कि सुप्रीम पर भरोसा नहीं है। इसलिए शर्तों
को पूरा करने पर ही पैसा मिलेगा। सुप्रीम ने भी चार महीने से बंद पड़े
कार्य से काफी नुकसान हुआ है। जिससे वह एजेंसी की शर्त मानकर काम के लिए
तैयार हुई है।
परेशानी भुगत रही जनता
मेडिकल कॉलेज का चार महीने
से काम बंद होने से प्रोजेक्ट लेट है। इसका खामियाजा जनता ही भुगत रही है।
यदि बिल्डिंग जल्दी बनती तो इलाज जल्दी मिलता। जो इलाज मेडिकल कालेज में
मिलना है वह इलाज जिले सहित अन्य जिलों के लोग भी रोहतक, चंडीगढ़, दिल्ली
जाकर ले रहे हैं। इसलिए इस तरह के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का लेट होना गलत
है।