गांव कोहंड के गूगल ब्वाय कौटिल्य के नाम से पंचकूला में गूगल ब्वाय
एकेडमी फॉर एक्सीलेंस खोली जाएगी। इसके लिए सेक्टर पांच के मनसा देवी
कांप्लेक्स में बाकायदा जगह मिल गई है और एकेडमी के नाम से होर्डिंग लगाए
जा रहे हैं। जुलाई में एकेडमी में दाखिले शुरू हो जाएंगे।
कौटिल्य के पिता
सतीश शर्मा एकेडमी को चलाएंगे और खुद कौटिल्य के लेक्चर भी कराए जाएंगे।
एकेडमी में दाखिले के लिए बच्चों को एक टेस्ट और फिर कोर्स से गुजरना होगा।
उनका आईक्यू, क्षमता और अभिरुचि की परख के बाद उन्हें दाखिला दिया जाएगा।
सतीश
शर्मा ने बताया कि ‘कौटि’ की एकेडमी में स्कूली पाठ्यक्रम की कोचिंग सरीखी
पढ़ाई नहीं कराई जाएगी। इसमें बच्चों में छिपी क्षमता को निखारने का काम
होगा। हर बच्चे में एक कौटिल्य है। जरूरत है तो बस उसे परखकर अवसर देने की।
एकेडमी में डेक्लामेशन, डिबेट, कैलीग्राफी, रिजनिंग, एस्ट्रॉनामी,
सैटेलाइट साइंस स्टडीड, जियोग्राफी, मैथेमेटिक्स फंडामेंटल, इंग्लिश
ग्रामर, हिंदी व्याकरण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े कोर्स
होंगे।
सफलता की गारंटी से दाखिला
कौटिल्य के पिता सतीश शर्मा ने
बताया कि एकेडमी में जुलाई में दाखिले शुरू हो जाएंगे। दाखिले से पहले
बच्चे की क्षमता को परखा जाएगा। मुख्य कोर्स में दाखिला देने से पहले बच्चे
को एक परीक्षा से गुजरना होगा, जो एक हफ्ते की भी हो सकती है। इस दौरान
यदि यह लगता है कि बच्चा चल नहीं पाएगा तो उसका समय बर्बाद नहीं किया
जाएगा।
अब पंचकूला में पढ़ेगा कौटिल्य
कौटिल्य अब तक अपने
पिता के गांव कोहंड स्थित एसडी स्कूल में पढ़ाई कर रहा था। अब उसके सहित
स्कूल के पांच विद्यार्थियों को पंचकूला के भवन विद्यालय में दाखिला मिल
गया है। कौटिल्य को दूसरी कक्षा में दाखिला मिला है।
28 जून को जगन्नाथ पुरी में टेकेगा माथा
गूगल
ब्वाय कौटिल्य 28 जून को अपने पिता के साथ भुवनेश्वर जा रहा है। वहां वह
एक इंस्टीट्यूट की ओपनिंग के लिए आमंत्रित किया गया है। साथ ही वह वहां
जगन्नाथ पुरी में भगवान जगन्नाथ के दर्शन भी करने पहुंचेगा।