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किसान की आत्महत्या मामले में पूर्व थाना प्रभारी, पटवारी समेत छह के खिलाफ केस दर्ज

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गांव गोंदर में किसान की आत्महत्या मामले में मृतक के बेटे की शिकायत पर तत्कालीन थाना प्रभारी, पटवारी समेत छह लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया गया है। इससे पहले, करीब चार घंटे तक किसान के परिजनों व ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराने लिए थाने में डेरा जमाए रखा। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ रोष भी जाहिर किया। बुधवार को गांव गोंदर निवासी किसान शीशा सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है, जबकि परिजन इस संदिग्ध करार देते हुए आशंका जता रहे हैं।
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मृतक के पुत्र प्रगट सिंह ने पुलिस अधिकारियों पर आरोप लगाया है। उसका कहना है कि जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसकी शिकायत पिता ने थाने में की थी, लेकिन उल्टा उन पर तरह-तरह से दबाव बनाया जा रहा था, जो उनकी मौत की वजह बना। उन्होंने बताया कि बुधवार को जब शव पोस्टमार्टम के लिए करनाल भेजा गया तो वहां मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने उसे एक शिकायत लिखने को कहा। इसमें तत्कालीन एसएचओ सुरेंद्र कुमार व पटवारी सहित चार अन्य लोगों का नाम शामिल था। यह देख पुलिस कर्मचारियों ने उसमें से एसएचओ सुरेंद्र कुमार के नाम को जल्द काटने का दबाव बनाया। आरोप है कि पुलिस ने ये भी कहा कि पूर्व थाना प्रभारी का नाम काट दो, इसके बाद सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसी बात को लेकर मेरे पिता के शव को बुधवार दोपहर से लेकर गुरुवार दोपहर तक मोर्चरी हाउस में रखा गया। इस कारण गुरुवार सुबह करीब चार घंटे निसिंग थाना परिसर में गांव गोंदर के ग्रामीण इन लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाने को अड़े रहे। इस कारण पुलिस व ग्रामीणों के बीच विवाद चला। हंगामा बढ़ते देख पुलिस ने शीशा सिंह के पुत्र प्रगट सिंह की शिकायत पर मुख्तायर सिंह, गुरबाज सिंह, पंजाब सिंह वासी रजापुर जिला पानीपत, गुरदीप सिंह वासी डेरा गोंदर, तत्कालीन एसएचओ सुरेंद्र कुमार व निसिंग कार्यरत पटवारी धर्मपाल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
जमीन को लेकर है विवाद
मृतक के पुत्र प्रगट सिंह ने पुलिस में दिए अपने बयान में बताया कि उसके चाचा करनैल सिंह ने अपनी जमीन मुख्तयार सिंह वासी रजापुर को बेची थी। इसको लेकर मुख्तयार सिंह हमारे खेत में से अपने खेत में जाने के लिए नाजायज तौर पर रास्ता बनाने लगा। मेरे पिता के विरोध करने पर उन्होंने हथियारों से लैस कई बदमाशों को बुलाकर मेरे पिता को मारा पीटा व जान से मारने की धमकी दी। इसको लेकर मेरे पिता ने 28 अप्रैल को थाना निसिंग में उनके खिलाफ केस दर्ज करवाया। इसको लेकर एसएचओ ने कारवाई करने की बजाय मेरे पिता पर दबाव बनाते हुए कहा कि तुम अपनी जमीन इनको बेच दो नहीं तो तुम्हारे खिलाफ ऐसा केस बनाऊंगा कि सारी उम्र जेल में काटेगी। ऐसे ही जमीन के कागजात को लेकर जब भी तहसील कार्यालय में पटवारी से मिलने जाता तो वहां पर भी कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई। इससे तंग आकर मेरे पिता ने या तो आत्महत्या की या फिर उनकी हत्या की गई है।
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मृतक शीशा सिंह के पुत्र प्रगट सिंह के बयान पर 6 लोगों के खिलाफ धारा 306 व 34 का मामला दर्ज कर लिया है। शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस कार्रवाई कर रही है।-सुरेंद्र सिद्धू, थाना प्रभारी निसिंग।
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