कर्णनगरी के युवा निशानेबाज के अचूक निशानों की बदौलत देशभर के खेल
प्रमियों को ओलंपिक में गोल्ड की उम्मीद जागी है। इस युवा ने रियो ओलंपिक
में पहुंचने के लिए आधा रास्ता भी तय कर लिया है।
शेष आधे रास्ते के लिए
आस्ट्रेलिया के सिडनी और अमेरिका के अटलांटा में होने वाले वर्ल्ड कप पर
लोगों की निगाह टिक गई है। वहां इस निशानेबाज को अपने अचूक निशाने से
विरोधियों को मात देनी होगी। इन दोनों वर्ल्ड कप में खेलने की उपलब्धि भी
इस खिलाड़ी ने अपने नाम कर ली है।
करनाल के सेक्टर-7 में रहने वाले
राजीव मलिक को क्रोएशिया के ओसीजेक में खेले गए वर्ल्ड कप में रियो ओलंपिक
का हाफ कोटा मिला है। राजीव ने 50 मीटर फ्री राइफल की प्रोन स्पर्धा में
605.6 और 605 स्कोर कर हाफ कोटे पर निशाना साधा। यह वर्ल्ड कप क्रोएशिया
में 8 से 14 जुलाई तक खेला गया है। वर्ल्ड कप में हुए मुकाबले के दूसरे चरण
में राजीव प्वाइंट 10 से मात खा गए। इस वजह से उन्हें रियो ओलंपिक का हाफ
कोटा ही मिल सका। अब सिडनी और अटलांटा में होने वाले वर्ल्ड कप से उम्मीदें
बंधी हैं।
इस तरह रहा सफर
क्रोएशिया में हुए शूटिंग वर्ल्ड कप
में राजीव का पहला एलीमेशन क्वालिफिकेशन मुकाबला 13 जुलाई को था। इसमें 64
देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। इसमें से 30 निशानेबाज ही क्वालीफाई कर
सके। इनमें से राजीव का नौंवा स्थान रहा। इसके बाद रिले मुकाबले में राजीव
प्वाइंट 10 से मात खा गए। इस कारण उन्हें रिओ ओलंपिक के हाफ कोटे से ही
संतोष करना पड़ा।
करनाल लौटने पर जोरदार स्वागत
रिओ ओलंपिक का
हाफ कोटा और दो वर्ल्ड कप खेलने की टिकट पक्की कर क्रोएशिया से करनाल
पहुंचे राजीव मलिक का शनिवार को जोरदार स्वागत किया गया। साथ ही खेल
प्रेमियों ने सिडनी में सितंबर और अटलांटा में नवंबर में होने वाले वर्ल्ड
कप के लिए होनहार खिलाड़ी को शुभकामनाएं दीं।