करनाल। प्रदेश की अनाज मंडियों में शुक्रवार की शाम तक कुल 431234 गेटपास पर 2729646 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई। इसमें अब तक की कुल आवक में करनाल जिला 77377 गेटपास और 488596 मीट्रिक टन गेहूं की आवक के साथ राज्य में नंबर वन है। आवक के मामले में कैथल 343847 मीट्रिक टन के साथ दूसरे व जींद 303811 एमटी गेहूं के साथ तीसरे नंबर पर है। करनाल जिले में शुक्रवार को 67621 एमटी की खरीद के साथ अब तक कुल 458106 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। जिसमें से 147513 एमटी का उठान हो पाया, जबकि 310593 एमटी गेहूं मंडियों में पड़ा है।
मौसम विभाग के पूवार्नुमान को देखते हुए किसान हर हाल में खेतों में खड़ी फसल की जल्द से जल्द कटाई करके मंडियों में लाकर बेचना चाहते हैं। यही कारण है कि करनाल सहित विभिन्न अनाज मंडियों में गेहूं भरे ट्रैक्टर ट्रालियों की लाइनें लग गई हैं। प्रदेशभर की अनाज मंडियों में अब तक जो गेहूं की आवक हुई है, उसमें बड़ी संख्या ऐसे किसानों की भी है, जो दोबारा गेहूं लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं। हालांकि मंडियों में उठान का कार्य काफी धीमा चल रहा है, जिसके कारण किसानों को भुगतान मिलने में तो देरी हो ही रही है, साथ ही मंडियों में आवागमन भी मुश्किल हो रहा है। कई मंडियों में तो सड़कों पर भी गेहूं डाल दिया गया है। करनाल अनाज मंडी क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी किसान दिनेश कुमार, बहादुर सिंह और सुरिंद्र कुमार ने बताया था कि उन्होंने अपना गेहूं छह अप्रैल को करनाल मंडी में बेचा था लेकिन अभी तक एक रुपया भी भुगतान नहीं मिला है।
एजेंसियों ने जारी किए 191 करोड़, किसानों को नहीं मिला भुगतान
करनाल। गेहूं खरीद एजेंसियों का दावा है कि उन्होंने बैंक शाखाओं को 191 करोड़ रुपये जारी कर दिया है। 70 करोड़ रुपये और आ गए हैं, जो सोमवार को बैंकों में भेज दिए जाएंगे। इधर किसानों और आढ़तियों का कहना है कि अभी तक अभी तक किसी को भी गेहूं का भुगतान नहीं किया गया है। जबकि गेहूं की खरीद पांच अप्रैल से शुरू हो गई थी।
- हैफेड जिला प्रबंधक उधम सिंह ने बताया कि बुधवार को जारी किए गए 84 करोड़ सहित शुक्रवार की शाम तक 101 करोड़ रुपये का भुगतान बैंक शाखाओं को भेज दिया गया है। वहीं, खाद्य आपूर्ति विभाग के कार्यवाहक डीएफएससी ने बताया कि 90 करोड़ रुपये का भुगतान बैंक को दे दिया है, सोमवार को 70 करोड़ रुपये और जारी किए जाएंगे। किसानों को भी सोमवार से खातों में भुगतान मिलना शुरू हो जाएगा।
- खरीद एजेंसियां भले ही कोई दावा करें लेकिन किसान बता रहे हैं कि राज्यभर में अभी तक किसी को भी भुगतान मिलना शुरू नहीं हुआ है। करनाल मंडी में किसी एक किसान को भी भुगतान नहीं मिला है।
- रजनीश चौधरी, चेयरमैन हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन।
जुंडला मंडी में हैफेड ने खरीदा 301587 क्विंटल गेहूं
जुंडला। अनाज मंडी में प्रतिदिन 35 हजार क्विंटल के करीब गेहूं की आवक चल रही है। मंडी में दो लाख 85000 क्विंटल गेहूं की बिक्री हो चुकी है, जबकि 40 हजार क्विंटल के करीब बिना बिक्री के पड़ी है। खरीदे गए गेहूं में ढाई हजार क्विंटल एचडब्ल्यूसी का गेहूं है जबकि 631 क्विंटल गेहूं प्राइवेट ने खरीदा है। शुक्रवार को उठाने में तेजी दर्ज की गई। हालांकि मंडी में गत वर्ष तीन लाख 84 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हुई थी। मंडी में अबतक 333141 क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। वहीं शनिवार को मंडी में 32250 क्विंटल अनाज आया है। मंडी में हैफेड अबतक 301587 किवंटल और एचडब्ल्यूसी 2554 क्विंटल गेहूं खरीद चुकी है। मंडी से उड़ान भी निरंतर जारी है। मंडी में इस बार अभी तक किसानों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मंडी सचिव राकेश गहलावत के नेतृत्व में हैफेड निरीक्षक मनीष कुमार ने आढ़तियों के साथ बैठक की। जिसमें गेहूं की पंखा लगाकर सफाई करने की बात कही। उन्होंने कहा कि गेहूं में पंखा लगा कर साफ करें। जो गेहूं कटाई के दौरान ही साफ-सुथरी है उसमें पंखा ना लगाएं। गेहूं उठान के बाद तुरंत एफसीआई गोदाम में जाएगी। मंडी प्रधान विजय शर्मा, मायाराम कृष्ण प्रदीप कुमार सहित अन्य ने एजेंसी निरीक्षक को साफ गेहूं की तुलाई करने का आश्वस्त किया। सचिव राकेश गहलावत ने कहा की मंडी में किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न होने पर किसान सीधे कमेटी कार्यालय में मिले। तुरंत किसानों की समस्या का समाधान किया जाएगा। मंडी में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है करवाई गई है। उन्होंने किसानों से सुखी व साफ गेहूं लाने की अपील की ताकि बिक्री में परेशानी ना हो।