व्यापारियों की ओर से आसपास की अनाजमंडी से खरीदे गए धान को ट्रकों व
ट्रैक्टर-ट्रालियों की ओवरलोडिड लिफ्टिंग कर राइस मिलों में ले जाया जा रहा
है। ओवरलोड वाहनों का मुख्य बाजार की टूटी सड़क से गुजरने पर लोगों को
हादसों का अंदेशा बना रहता है। ट्रकों व ट्रालों में भरी धान की ऊंचाई
देखकर लोगों को उनके पास से गुजरने में भी डर लगता है। मंगलवार को मेन
बाजार में धान से भरा एक ओवरलोड ट्रक धंस गया।
इस कारण मुख्य बाजार में जाम
लगा रहा। पिछले हफ्ते भी बाजार में राजकीय प्राइमरी स्कूल के पास ओवरलोड
ट्रक पलटने से धान की बोरियां दुकानों के बिखर गई थी। गनीमत यह रही कि उस
समय कोई राहगीर व स्कूली बच्चे वहां से गुजर नहीं रहे थे नहीं तो कोई बड़ा
हादसा हो सकता था। त्योहारों को लेकर बाजार में पहले से ही दुकानदारों व
रेहड़ी पर फल सब्जी विक्रेताओं ने अतिक्रमण किया हुआ है।
बाजार में पर्व पर
खरीददारी करने वालों की भीड़ जमा रहती है। इससे बाजार में जाम की स्थिति
बनी रहती है। धान के सीजन में किसान अपने ट्रैक्टर ट्राली को सड़क किनारे
खड़ी कर बाजार से खरीददारी करने में व्यस्त हो जाते हैं, जिससे बाजार में
ओर अधिक अतिक्रमण बढ़ जाता है। सतीश कुमार, महेंद्र पाल, गणेश गोयल,
जोगिंद्र, सतपाल, रामपाल बंसल, राजेश सिगंला व विजय कुमार सहित अन्य का
कहना है कि ट्रीटमेंट प्लांट की सीवरेज लाइन बिछाने के लिए 20 फुट गहरे
गड्ढे खोदे गए थे। वे गड्ढे मिट्टी से ढांप दिए थे, लेकिन मिट्टी खोखली
होने के कारण ओवरलोड वाहन धंस रहे हैं। इस कारण मुख्य बाजार में हर समय जाम
लगा रहता है।