जिला प्रशासन एक ऐसी योजना बनाने पर विचार कर रहा है, जिसमें शहर के लोगों
को बेहतरीन सुविधाएं दी जाएंगी। प्रथम चरण में एनडीआरआई चौक से अंबेडकर
चौक तक लगभग 500 मीटर सड़क को पूरी तरह स्मार्ट रूप देने की योजना है,
जिसमें हरियाली के साथ-साथ 2.65 मीटर चौड़ी पगडंडी बनाई जाएगी, जिसे पैदल
और साइकिल वाले लोग प्रयोग में ला सकेंगे। इसी सड़क पर अंडरग्राउंड बिजली
के तार, सीवरेज व्यवस्था, फैंसी लाइटें और मॉडर्न पोल स्थापित करके सोलर
लाइटों की व्यवस्था होगी।
लिबर्टी चौक से अंबेडकर चौक तक सड़क को और चौड़ा
किया जाएगा। पुराने जीटी रोड की सड़क का 500 मीटर का यह टुकड़ा पूरी तरह से
वाईफाई करने पर गंभीरता से विचार जारी है। लिबर्टी चौक से मीरा घाटी चौक
तक 4680 मीटर सड़क के सुधारीकरण पर खर्च होंगे 788 लाख रुपये किए जाने हैं।
इसके लिए टेंडर हो चुके हैं। पिछले दो महीने से सड़क के निर्माण का कार्य
चल रहा है। पहले चरण में एक तरफ की सड़क को उखाड़ा गया है और उस पर सामग्री
डाली गई है।
डीसी ने ली अधिकारियों की बैठक
इसको विकसित करने
के लिए लघु सचिवालय के सभागार में डीसी डॉ. जे गणेशन की अध्यक्षता में बैठक
हुई। योजना को एक प्रयोग के रूप में लिया जा रहा है, इसके सफल होते ही
शहर के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी व्यवस्था को देने की योजना अमल में लाई
जाएगी। उन्होंने बताया कि वैसे तो पुराने जीटी रोड लिबर्टी चौक से नमस्ते
चौक की लंबाई 5580 मीटर है, इसमें से लिबर्टी चौक से मीरा घाटी तक की लंबाई
4680 मीटर है, इसके सुधारीकरण का कार्य जारी है।
निगम आयुक्त को भेजा जाएगा प्रस्ताव
बैठक
में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे
अपने-अपने विभागों से संबंधित होने वाले खर्च की अनुमानित राशि कार्यकारी
अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रांतीय मंडल नंबर-1 को देंगे। कार्यकारी
अभियंता इसे एकरूप में अनुमानित बजट बनाकर आयुक्त नगर निगम को भेजेंगे। इस
योजना पर तुरंत प्रभाव से काम करने के निर्देश हो चुके हैं। कार्यकारी
अभियंता विरेंद्र जाखड़ और एसडीओ पीएस नैन का कहना है कि इस प्रोजेक्ट पर
काम शुरू हो गया है।
एनडीआरआई चौक से अंबेडकर चौक तक लगभग 500 मीटर
सड़क को पूरी तरह स्मार्ट रूप देने की योजना है। इसके लिए 6 नवंबर को
मीटिंग बुलाई गई है। सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने विभाग
से संबंधित अनुमानित बजट बनाकर देने के लिए कहा गया है।
सुमेधा कटारिया, निगम आयुक्त।