सरकार के आदेश के बावजूद करनाल अनाज मंडी में धान की खरीद शुरू
न करने पर कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने खरीद एजेंसियों को फटकार लगाई। मंत्री
ने कहा कि व्यवस्था को सुधारें और आज से ही खरीद शुरू होनी चाहिए। किसी
प्रकार का कोई बहाना नहीं चलेगा। यह फटकार मंत्री ने शनिवार को करनाल और
तरावड़ी अनाज मंडी के अपने दौरे के दौरान लगाई और किसानों और व्यापारियों
से बातचीत की।
कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने कहा कि सरकार किसानों के लिए
एक ऐसी स्कीम शुरू करने जा रही है, जिसके तहत किसानों को विभिन्न प्रकार के
कृषि यंत्र ईनाम के रूप में दिए जाएंगे। इसके लिए किसानों के पास जे फार्म
होना जरूरी है। इस इनाम स्कीम के तहत लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च होने का
अनुमान है।
मंत्री अधिकारियों से बोले, आप ध्यान नहीं दे रहे
दौरे
के दौरान कृषि मंत्री को किसानों ने बताया कि अब तक खरीद शुरू नहीं हुई
है। यह बात सुनकर मंत्री ने खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को बुलाया और
पूछा अभी तक खरीद शुरू क्यों नहीं की गई? अधिकारियों ने अपनी बात रखी।
अधिकारियों की बात से संतुष्ट न होकर मंत्री ने खरीद एजेंसियों के
अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि किसानों के हितों के लिए एक सप्ताह
पहले धान की खरीद शुरू करने का निर्णय लिया है। आप लोग इस ओर ध्यान नहीं दे
रहे हो। मंत्री ने स्पष्ट किया कि आज ही खरीद शुरू हो जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसान भी खरीद एजेंसियों का सहयोग करे और मंडियों में सूखा
धान ही लेकर आएं।
1450 से नीचे न बेचें फसल
उन्होंने कहा कि
कोई भी किसान भाई अपनी धान की फसल 1450 रुपये से कम न बेचें। धान खरीदने के
लिए सभी कंपनियां पहुंच चुकी हैं, जो किसान अपनी फसल का नकद मूल्य लेना
चाहता है, उसके लिए एक फार्म भरना होगा और यदि आढ़ती के माध्यम से अपनी फसल
के दाम लेना चाहता है तो यह किसान की मर्जी पर निर्भर करता है। उन्होंने
कहा कि 1509 धान की खरीद किसी ने नहीं की थी, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार यह
धान भी खरीद रही है। कृषि मंत्री ने मंडी में आई धान कि ढेरियों में नमी
की मात्रा को भी देखा और कहा कि धान में नमी की मात्रा निर्धारित मापदंड से
अधिक नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर सीपीएस बख्शीश सिंह, नीलोखेड़ी के
विधायक भगवान दास कबीरपंथी, पूर्व मंत्री शशीपाल मेहता, जिला अध्यक्ष
बीजेपी अशोक सुखीजा, जगदेव पाढा, एसडीएम राजीव मेहता, मंडी प्रधान लाल
घनश्याम दास गर्ग, उपप्रधान सुभाष गुप्ता, रामनिवास, विरेंद्र आदि मौजूद
रहे।
मार्केट फीस की चोरी न होने दें
कृषि मंत्री नेे जिला
प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की फसल का दाना-दाना
खरीदा जाए, मार्केट फीस की चोरी न होने दें। धान की आवक का रिकार्ड जो गेट
रजिस्टर में दर्ज है, उतना ही स्टॉक मंडी में होना चाहिए। धान खरीद के लिए
मंडियों में सभी प्रकार की साफ सफाई हो, तोल में किसी प्रकार की कोताही न
हो और किसानों को उनकी मांग के अनुसार बारदाना मिले। उन्होंने मंडी में लगे
तोल कांटे भी चेक किए। इससे पूर्व उन्होंने तरावड़ी अनाज मंडी का दौरा
किया। किसानों और व्यापारियों का हालचाल पूछा। उन्होंने जानकारी दी कि
सरकार किसानों के हितों के लिए विभिन्न स्कीमों के तहत करोड़ों रुपये खर्च
कर रही है।
किसानों को जो नुकसान हुआ वहां होगी गिरदावरी
कृषि
मंत्री ने कहा कि सरकार सफेद मक्खी और जिन क्षेत्रों में जलभराव के कारण
किसानों को नुकसान हुआ है उन क्षेत्रों में गिरदावरी करवाई जा रही है। जिन
क्षेत्रों में बाजरे की फसल है, वहां सरकार 1275 रुपये की दर से बाजरा
खरीदेगी।