डेंगू से संदिग्ध तीन बच्चों की और मौत
- जिले में डेंगू के डंक का कहर, अभी तक हो चुकी है डेंगू से संदिग्ध 18 की मौत
जिले में डेंगू का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के काछवा रोड पर
डेंगू से संदिग्ध तीन बच्चों की मौत हो गई है। दोनों कॉलोनियों में मातम
पसरा है और डेंगू से बचाव की अपील कर रहे हैं। पाल नगर, विजय नगर और सुभाष
कॉलोनी में काफी लोग बुखार से पीड़ित हैं और अलग-अलग अस्पताल में उपचार
करवा रहे हैं।
बुधवार रात को पाल नगर की डेंगू से संदिग्ध 17 वर्षीय
लड़की शिवानी तथा 15 वर्षीय प्रवेश की मौत हो गई। इसके अलावा गुरुवार सुबह
सुभाष कालोनी के डेंगू से संदिग्ध 12 वर्षीय नीतिन की भी मौत हो गई। तीनों
बच्चों की मौत से हर कोई दुखी है। इस क्षेत्र में पानी निकासी का बंदोबस्त न
होने के कारण भी मच्छरों की भरमार है। सुभाष कालोनी में एक 12 वर्षीय
एसबीएस स्कूल के छठी कक्षा के छात्र नितिन की मौत होने पर मातम पसरा है।
बच्चे की नानी ज्ञानो देवी ने बताया कि उसे दो दिन बुखार आया और तीसरे दिन
गुरुवार को उसकी मौत हो गई।
जिले में अभी तक बुखार से पीड़ित 307 लोगों
के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें 125 लोगों को डेंगू पॉजिटिव मिले हैं और
डेंगू से संदिग्ध 18 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें तीन बच्चों की और मौत
होने से अब डेंगू से संदिग्ध मरने वालों की संख्या 21 तक पहुंच गई है।
डेंगू के प्रकोप से लोग भयभीत हैं और सरकारी के अलावा प्राइवेट अस्पताल भी
मरीजों से भरे पड़े हैं। डेंगू के डंक का बोझ लोगों पर पड़ रहा है और जान
भी गवां रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग रोकथाम में लगा है, लेकिन व्यवस्था लोगों
पर भारी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों ने रोया दुखड़ा
विजय नगर
के इकबाल, जाकिर हुसैन, शबनम, सुभाष, राजबाला, टोनी, पाल नगर के बाबूराम,
परमजीत सहित कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। जाकिर हुसैन व बाबूराम ने बताया
कि कालोनी में पानी निकासी सबसे बड़ी समस्या है। बीमारी से लोगों में भय
फैला हुआ है। घर के एक सदस्य की चिकित्सा कराते हैं और दूसरा बुखार की चपेट
में आ जाता है। पीड़ित अमरजीत वर्मा, रणजोर सिंह, सुभाष, खुर्शीद अहमद,
नंबरदार जेके मेहता ने प्रशासन से मांग की है कि दोनों कॉलोनियों में शीघ्र
हेल्थ टीम भेज कर लोगों का उपचार करवाएं व फोगिंग करवाएं।
डॉक्टर भी डरा रहे लोगों को
पाल
नगर के लोगों ने बताया कि निजी अस्पताल में डॉक्टर भी डरा रहे हैं। बुखार
आने पर वह एक टेस्ट नहीं करते। कई तरह के टेस्ट करके लोगों का खर्चा बढ़ा
रहे हैं। टेस्ट के बाद भी बीमारी की असली रिपोर्ट की तसल्ली नहीं है। सहमें
लोग डॉक्टर के मुताबिक टेस्ट करवा लेते हैं। बावजूद इसके मरीज बहुत कम ठीक
हो रहे हैं।
फिलहाल डेंगू से संदिग्ध बच्चों की मौत की कोई सूचना
नहीं मिली है। टीम द्वारा क्षेत्र का दौरा करवाया जाएगा। यदि क्षेत्र में
मच्छरों की भरमार है तो फोगिंग कराई जाएगी।
-डा. अश्वनी कुमार, कार्यवाहक सिविल सर्जन, करनाल।