मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि प्रदेश में जल्द की एक सर्वेक्षण
करवाकर पैडल रिक्शा चालकों की संख्या का पता लगाया जाएगा, ताकि पैडल रिक्शा
के स्थान पर ई-रिक्शा व्यवस्था स्थापित की जा सके। मुख्यमंत्री मीनार रोड
पर पंडित दीन दयाल उपाध्याय रिक्शा चालक कल्याण समिति, करनाल के ई-रिक्शा
चार्जिंग केंद्र का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस
अवसर पर उन्होंने 50 पैडल रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा की चाबी सौंपकर करनाल
में ई-रिक्शा योजना की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि वे मानव द्वारा मानव का
भार ढोने की व्यवस्था के खिलाफ हैं, इसलिए वे चाहते हैं कि प्रदेश में
सवारियों के लिए इस्तेमाल होने वाली पैडल रिक्शा को बंद कर उनके स्थान पर
ई-रिक्शा चलाया जाए।
उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा व्यवस्था को करनाल के अलावा
प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। पैडल रिक्शा चालकों को सरकार
की विभिन्न योजनाओं के तहत ई-रिक्शा दिए जाएंगे। इसके लिए उन्हें ई-रिक्शा
पर आने वाली कुल लागत का महज 10 फीसदी अदा करना होगा। यह 10 फीसदी राशि भी
बैंक द्वारा केवल 4 फीसदी ब्याज दर और आसान किस्तों पर उन्हें मिलेगी। इस
अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह विर्क, मुख्यमंत्री के ओएसडी
अमरेंद्र सिंह, करनाल नगर निगम की मेयर रेणु बाला गुप्ता, आईजी हनीफ
कुरैशी, एसपी पंकज नैन, एडीसी गिरीश अरोड़ा, सीटीएम सतीश कुमार, एसडीएम
राजीव मेहता, ओबीसी बैंक के डीजीएम अशोक छाबड़ा, भगवान दास अग्गी, शमशेर
नैन, अशोक भंडारी, जगदेव पाड्डा, मुकेश अरोड़ा, नवीन गुप्ता, अखिल गुप्ता
सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इन रिक्शा चालकों को मुख्यमंत्री ने सौंपी चाबियां
मुख्यमंत्री
ने कृष्ण कुमार, विनोद कुमार, दीपक, महावीर, मनोज, जगदीश, सुल्तान, खुशेशर
पासवान, राकेश कुमार, नानक, राजकुमार, रमाकांत, मोती राम, ओमप्रकाश, सुनील
कुमार, रामदास, ईश्वर सिंह, चंद्रभान, रामबालक, मनतुन दास, दर्शन लाल,
मोहन लाल, सुरेंद्र कुमार, जगदीश, कृष्ण, प्रवीन कुमार, होरिल पासवान,
अशोक, राजू, राजपाल, महेंद्र पाल, लक्ष्मी प्रसाद, राजेंद्र कुमार, पवन
कुमार, विनोद कुमार, रामपाल, ननकू, अश्वनी, कंवर पाल, सतीश कुमार, राकेश
कुमार, राजकुमार, राज कुमार, भोला कुमार, सुखबीर सिंह, मसुजन साहनी,
महेंद्र प्रकाश, ओमप्रकाश, राजेेश, राजू शामिल हैं।
सीएम ने खुद चलाया ई-रिक्शा
मुख्यमंत्री
ई-रिक्शा शेड से मंच तक स्वयं रिक्शा चलाकर पहुंचे। सामने खड़े लोगों का
अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद वे केंद्र से स्वयं ई-रिक्शा चलाकर मंच तक
पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उपायुक्त को यह भी कहा कि शहर में महिलाओं के लिए
अलग ई-रिक्शा व्यवस्था का प्रयोग किया जाए और यदि यह प्रयोग सफल होता है तो
महिलाओं के लिए अलग ई-रिक्शा व्यवस्था की जाए।