चार साल की बच्ची से छेड़छाड़ मामले में शुक्रवार को अभिभावकों ने सेंट
थेरेसा कान्वेंट स्कूल के गेट पर बवाल काटा। इस दौरान पुलिस फोर्स तैनात
रही और अभिभावकों को स्कूल के अंदर नहीं जाने दिया गया। एक घंटे तक अभिभावक
स्कूल में बच्चों की सुरक्षा बढ़ाने के इंतजाम को जानने के लिए खड़े रहे।
स्कूल की तरफ से अभिभावकों को किसी प्रकार का आश्वासन नहीं मिला। डीएसपी
जितेंद्र गहलावत जब अभिभावकों को समझाने आए तो कई अभिभावक उनसे ही बहस करने
लगे और डीएसपी से सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने का दबाव बनाया।
काफी देर
बहस होने के बाद डीएसपी ने आश्वासन दिया कि शनिवार 11 बजे स्कूल में
अभिभावक व स्कूल मैनेजमेंट के साथ मीटिंग करवाई जाएगी और पुलिस अधिकारी
मौजूद रहेंगे।
दूसरी तरफ महिला थाना पुलिस से जांच अधिकारी पवना देवी का
कहना है कि मामले की जांच चल रही है। फिलहाल चार आरोपी कर्मचारियों को पकड़
चुके हैं। इससे पहले, स्कूल में विरोध जताने के लिए अभिभावक शुक्रवार सुबह
अटल पार्क में एकत्रित हुए। भविष्य में इस तरह का कोई मामला स्कूल में न
आए उसके लिए अभिभावकों की एक कमेटी व स्कूल प्रबंधन की तरफ से समय रहते कोई
कार्रवाई न करने और स्कूल में पड़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर
अभिभावकों ने मंथन किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल प्रबंधन के रवैये पर भी
रोष जताया। इसके बाद करीब 11 बजे अभिभावक स्कूल के बाहर पहुंचे, लेकिन
पुलिस फोर्स ने अंदर जाने नहीं दिया। पुलिस ने साफ कहा कि स्कूल मैनेजमेंट
ने एंट्री करने से मना किया हुआ है। डीएसपी जितेंद्र ने बताया कि स्कूल में
जिनके बच्चे पढ़ते हैं, उन्हीं अभिभावकों को बुलाया जाएगा। उनके पास स्कूल
की तरफ से मैसेज भेजे जाएंगे या बच्चों के एंट्री कार्ड दिखाकर भी अभिभावक
मीटिंग में आ सकते हैं।
शिकायत करते ही स्कूल छोड़ने की दी जाती है धमकी
विरोध
जता रहे अभिभावक शालू, सोनिया, गोल्डी राणा, ज्योति, बिमला, राजीव, सूरज,
अर्जुन यादव, विकास ने कहा कि स्कूल में तानाशाही चल रही है। बच्चों को कुछ
परेशानी होती है तो स्कूल में शिकायत करते हैं तो एक ही जवाब मिलता है कि
बच्चों को स्कूल से निकाल लो। एक टीचर बच्चों पर तनाव बनाती है और बच्चों
में उसका खौफ है। अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल की छुट्टी के बाद
बच्चों को आनन-फानन में बाहर निकाल दिया जाता है, ऐसे में बच्चों के गुम
होने की आशंका रहती है। अभिभावकों ने मांग की कि जब तक परिजन न आ जाएं,
बच्चे स्कूल के अंदर रहें।
स्कूल मैनेजमेंट नहीं कर रही कार्रवाई
अभिभावकों
ने कहा कि पीड़ित अभिभावकों ने 16 सितंबर को स्कूल में शिकायत की थी।
लेकिन स्कूल ने मामले को दबाने में लगे रहे। स्कूल की तरफ से कोई कार्रवाई
नहीं हुई। स्कूल की ओर से कोई कार्रवाई न होने से अभिभावकों में रोष है।
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की समस्याओं के बारे में प्रबंधन कभी भी
गंभीरता नहीं दिखाता, बल्कि शिकायत करने वालों के बच्चों को टारगेट कर लिया
जाता है।
अभिभावकों की मीटिंग शनिवार को कराई जाएगी। स्कूल में
सुरक्षा व्यवस्था जरूर होनी चाहिए। स्कूल में शनिवार 11 बजे आयोजित मीटिंग
में उन्हीं अभिभावकों को एंट्री करने देंगे, जिनके पास स्कूल की तरफ से
मैसेज होगा या बच्चों के एंट्री कार्ड पर आ सकते हैं, ताकि मीटिंग में वे
ही अभिभावक आए जिनके बच्चे उस स्कूल में पढ़ते हैं।
- जितेंद्र गहलावत, डीएसपी करनाल।
इस मामले में हम प्रशासन व पुलिस के साथ हैं। कानून अपना काम कर रहा है। पुलिस जांच में स्कूल पूरा सहयोग कर रहा है। पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। स्कूल प्रबंधन भी अपने स्तर पर जांच कर रहा है। इसके अलावा इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। सिस्टर लीरा, वाइस प्रिंसिपल, कान्वेंट स्कूल।