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खाद्य मंत्री कांबोज पकड़ी तोल में गड़बड़ी

Sun, 11 Oct 2015 12:59 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल
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पहले रेट ने मार डाला और रही सही कसर अनाजमंडी में तोल में हो रही हेराफेरी ने पूरी कर दी। अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा यह खेल प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के राज्यमंत्री कर्णदेव कांबोज के ही क्षेत्र में सरेआम हो रहा है। खास बात यह है कि यह गड़बड़ी भी मंत्री ने ही निरीक्षण के दौरान पकड़ी।
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आढ़ती की दुकान पर प्रति बैग 200 ग्राम ज्यादा धान तोला जा रहा था। इससे भी अहम बात यह है कि बजाय किसी के खिलाफ कार्रवाई कराने के मंत्री ने केबल दोबारा से तोल करने के आदेश कर दिए। तोल में गड़बड़ी पकड़े जाने पर एक तरफ किसानों में जबरदस्त रोष है, वहीं अब अधिकारियों की भी सांस फूलने लगी है। सूत्रों का दावा है कि अकेले इंद्री में नहीं बल्कि अन्य अनाज मंडियों में भी अधिकारियों के मिलीभगत से किसानों को तोल में गड़बड़ी करके लूटा जा रहा है। इस पूरे मामले की जांच की जाए तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।

शनिवार को राज्यमंत्री खुद अनाजमंडी इंद्री के दौरे पर थे। इस दौरान तुलाई में जांच की तो मंडी में तोल में हेराफेरी पाई गई। इसके बाद मंत्री ने आढ़तियों व लेबर झाड़ लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। जिस दुकान पर यह गड़बड़ी पकड़ी गई है, वह भाकियू का नेता बताया जा रहा है। गड़बड़ी पकड़े जाने पर मंत्री ने दोबारा से धान तोलने के आदेश दिए। इसके बाद मंडी में हड़कंप मच गया। दरअसल एक कट्टे में 37 किलोग्राम प्रति बैग में धान डाला जाता है, लेकिन प्रति बैग 200 ग्राम धान किसानों का ज्यादा तोला जा रहा था। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर यह धोखाधड़ी कब से चल रही है और कितनी दुकानों पर चल रही है। किसानों का आरोप है कि मंडी के अधिकारी आढ़तियों के साथ मिले हैं, इसलिए दिनदहाड़े गड़बड़ी हो रही है, इस पूरे मामले की जांच के साथ साथ सभी आढ़तियों के कांटे चेक कराए जाने चाहिए।
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फिर कमी मिली तो लाइसेंस होगा रद
राज्यमंत्री कांबोज ने हेराफेरी करने वाले आढ़तियों व लेबर को चेतावनी देते हुए कहा कि फिर दोबारा कोई कमी पाई गई तो लाइसेंस रद कर दिया जाएगा। मौके पर उन्होंने सरकारी खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान खरीद के कार्य में लापरवाही न बरतें। साथ ही किसानों को उनकी पेमेंट भी समय पर दें। निरीक्षण के दौरान उन्होंने किसानों, व्यापारियों व आढ़तियों की समस्याएं सुनीं और करीब दो घंटे मंडी का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान की खून पसीने की मेहनत से तैयार की गई फसल खरीद के कार्य में कहीं लापरवाही नजर आई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ये अधिकारी रहे मौजूद
इस दौरे के दौरान एसडीएम अश्वनी मलिक, खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक निशांत राठी, खंड विकास पंचायत अधिकारी राजबीर सिंह खुडिया, हैफेड के डीएम राजबीर सिंह, एग्रो के डीएम सुरेश कुमार, मार्केट कमेटी के सचिव दीपक व एसडीओ रमेश रहेजा उपस्थित रहे।

तय रेट से कम दाम किसान को दिया तो होगी कार्रवाई
राज्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो मिलर निर्धारित रेट से कम दाम किसानों को देगा तो उसकी खरीदारी भी बंद कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की विभिन्न मंडियों में अब तक करीब साढ़े 12 लाख मीट्रिक टन धान को सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा खरीदा गया है। उन्होंने मार्केट कमेटी के सचिव को भी निर्देश दिए कि मंडी में साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित हो। किसानों के लिए स्वच्छ पेयजल तथा शौचालय इत्यादि का भी प्रबंध सही हो।

संबंधित आढ़ती को नोटिस भेजकर जवाब किया गया है। आढ़ती के जवाब के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। जिस ढेरी में गड़बड़ी पकड़ी गई थी उसको दोबारा से तुलवाया गया है।
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दीपक कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी
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