हरियाणा सरकार द्वारा 12 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से अधिगृहित भूमि की
अतिरिक्तत जिला न्यायाधीश विमल सपरा की अदालत ने मुआवजा राशि बढ़ाकर 29 लाख
चार हजार रुपये प्रति एकड़ अन्य सभी लाभांश सहित देने का फैसला किया है।
इससे किसानों में खुशी की लहर है।
हरियाणा सरकार ने असंध उपमंडल में
जनहित के लिए खांडा माइनर के निर्माण के लिए दिनांक 9 जनवरी, 2009 को भूमि
अधिग्रहण अधिनियम की धारा 4 के तहत गजट अधिसूचना जारी कर गांव पोपड़ा के
किसानों की भूमि अधिग्रहण की थी। भूमि अर्जन कलेक्टर एवं जिला राजस्व
अधिकारी ने 18 नवंबर 2010 को अधिगृहीत भूमि का आठ लाख रुपये प्रति एकड़ की
दर से अन्य लाभांश सहित अवार्ड घोषित किया।
इसके बाद फिर 20 मई, 2011 को
सप्लीमेंटरी अवार्ड घोषित कर मुआवजा राशि आठ लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख
रुपये प्रति एकड़ की दर से अन्य लाभांश सहित देने का फैसला किया। इस अवार्ड
से असंतुष्ट गांव के किसानों ने अपने अधिवक्ता शक्ति सिंह की मार्फत अदालत
में केस दायर कर मुआवजा राशि बढ़ाकर मार्केट दर पर देने की गुहार लगाई थी।
एडवोकेट शक्ति सिंह ने अदालत में जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत कर मुआवजा
राशि मार्केट रेट के हिसाब से देने की मांग की। अतिरिक्त जिला न्यायधीश
विमल सपरा की अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अधिगृहीत भूमि का
रेट 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 29 लाख चार हजार रुपये प्रति एकड़ अन्य सभी
लाभांश व ब्याज सहित देने का फैसला किया है। अदालत के फैसले पर गांव के
किसानों धर्मपाल, महिन्द्र सिंह, गोपाल सिंह, बाबू राम, कर्मबीर आदि ने कहा
कि अदालत ने हमारे साथ इंसाफ किया है।
हुडा के भूमि अर्जन कलेक्टर व अकाउंटस ऑफिसर की सेलरी अटैच करने के आदेश
करनाल।
अतिरिक्त जिला न्यायधीश श्री विमल सपरा की अदालत ने हरियाणा शहरी विकास
प्राधिकरण पंचकूला के भूमि अर्जन कलेक्टर और अकाउंटस ऑफिसर पी. के. सचदेवा
की सैलरी अटैच करने के आदेश दिए हैं।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने
तरावड़ी में सेक्टर एक स्थापित करने के लिए किसानों की भूमि अधिग्रहण की
थी, जिस पर जिला अदालत ने मुआवजा राशि को बढ़ा दिया था। जिला अदालत द्वारा
मुआवजा राशि को बढ़ा दिया गया था। भूमि मालिकों ने बढ़ी हुई मुआवजा राशि
लेने के लिए अदालत में गुहार लगाई थी। भूमि मालिकों की ओर से पैरवी कर रहे
अधिवक्ता शक्ति सिंह ने अदालत को बताया कि हुडा द्वारा राकेश कुमार, रमेश
कुमार, विनोद कुमार, लछमण सिंह, रोशन लाल, धन्नो, महेन्द्र कौर व प्रीतम
कौर के केसों में पूरी राशि अदा नहीं की गई है और ब्याज की गणना भी कम
दिनों की गई है। अदालत ने दस्तावेजों का अवलोकन कर कड़ा रवैया अखत्यार करते
हुए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण पंचकूला को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि
हुडा के अधिकारी भूमि मालिकों को पूरी मुआवजा राशि अदा नहीं करते और
जानबूझकर ब्याज की गणना कम दिनों की करते हैं। अदालत ने भूमि अर्जन कलेक्टर
और अकाउंटस ऑफिसर पीके सचदेवा की सेलरी अटैच करने के आदेश पारित किए और
आगामी तारीख 13 नवंबर को दोनों अधिकारियों को अदालत में व्यक्तिगत रूप से
हाजिर होने के निर्देश भी दिए हैं।