शहरवासियों के लिए एक अच्छी खबर है कि राज्य सरकार अब 100 गज तक के प्लाटों का नक्शा फ्री में उपलब्ध कराएगी। कॉलोनियों और सेक्टरों में छोटे-छोटे प्लाट लेकर मकान बनाने वालों को अपना नक्शा पास कराने के लिए अब नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इससे शहरवासियों के पैसे और समय दोनों की बचत होगी। विधानसभा चुनाव की घोषणा होने से पहले सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है। बड़ी संख्या में लोग रोजगार के सिलसिले में करनाल आते हैं। सरकार के इस फैसले से मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलेगी। करनाल की अधिकांश कालोनियों में प्लाटों की साइज 35 से लेकर 100 गज तक है।
अभी नक्शा पास कराने के लिए करनी पड़ती है मशक्कत
नक्शा पास कराने के लिए आर्किटेक्ट से नक्शा बनवाकर उसे ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है। उसके बाद नगर निगम के अधिकारी मौके पर जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन और टेक्निकल जांच करते हैं। अपनी रिपोर्ट बनाकर एक सप्ताह में अपलोड करते हैं। इसके बाद नक्शा पास होता है। इस काम में एक सप्ताह से 15 दिन तक का वक्त लग जाता है। ऑब्जेक्शन लगने के बाद समय सीमा और बढ़ जाती है। ऐसे में मकान और प्लाट मालिक को नगर निगम के अफसरों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
नक्शा बनवाने में 8 से 10 हजार होते हैं खर्च
किसी भी साइज के मकान का नक्शा बनवाने के लिए आर्किटेक्ट करीब 8 से 10 हजार रुपये लेता है। इसके अलावा निगम में भी सरकारी शुल्क जमा करनी पड़ती है। 50 गज के प्लाट का नक्शा पास कराने के लिए निगम 420 रुपये शुल्क लेता है। इसी तरह 40 गज के प्लाट का 350 और 35 गज के मकान का शुल्क करीब 300 रुपये लगता है। शहर में हर महीने करीब 80 से 100 नक्शे पास किए जाते हैं।
सरकार के फैसले से शहरवासियों को होगा लाभ
सरकार के इस फैसले से शहरवासियों को लाभ होगा। उन्हें न नगर निगम के चक्कर काटने पड़ेंगे और न आर्किटेक्ट के पास 8 से 10 हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे और न ही निगम को शुल्क देना पड़ेगा। राज्य सरकार ने निशुल्क नक्शा उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। आज भी करीब 50 फीसदी से ज्यादा शहर का एरिया बगैर किसी प्लान के बसा है। सरकार के इस फैसले से अब जिन्होंने मकान बना भी लिए हैं वे अपना नक्शा निशुल्क बनवा सकेंगे।
राज्य सरकार का जो भी आदेश होगा उसे लागू किया जाएगा। निश्चित रूप से यदि सरकार ने छोटे प्लाटों के नक्शे फ्री में उपलब्ध कराने की घोषणा की है तो इसका शहरवासियों को लाभ मिलेगा। सरकार से जो भी गाइड लाइन आएगी उसका पालन किया जाएगा। - राजीव मेहता, कमिश्नर नगर निगम करनाल।