नगर निगम की हाउस बैठक में शुक्रवार को फर्जी आईडी, स्ट्रीट लाइट और सीवर चोक और पार्षदों की अनदेखी सहित कई मुद्दे गूंजे। इस दौरान हंगामे और शोर शराबे के बीच 26 में से 22 प्रस्ताव पारित हुए, जबकि तीन प्रस्ताव विरोध के कारण ड्राप कर दिये गए, जबकि एक अन्य प्रस्ताव पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई। इससे पहले मीडियाकर्मियों को बैठक से दूर रखने का भी कुछ पार्षदों ने विरोध किया। यही नहीं उन्होंने इस मुद्दे पर बहिष्कार का भी निर्णय लिया, लेकिन उन्हें यह कहकर मना लिया गया कि मीडिया के लोग बैठक का लाइव प्रसारण बाहर स्क्रीन के जरिये देख रहे हैं।
नगर निगम करनाल के हाउस की बैठक अपने निर्धारित समय पर महापौर रेणू बाला गुप्ता की अध्यक्षता व निगमायुक्त विक्रम, सीएम प्रतिनिधि संजय बठला की मौजूदगी में शुरू हुई। शुरुआती दौर में ही पार्षद युद्धवीर मित्तू सैनी व बलविंद्र सिंह आदि ने मीडिया को बैठक में प्रवेश नहीं देने का विरोध किया। आलम यह हो गया कि पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया, लेकिन समझा बुझाकर उन्हें फिर बैठाया गया। बैठक में वार्ड-19 को छोड़कर सीनियर डिप्टी मेयर राजेश अग्घी व डिप्टी मेयर एडवोकेट नवीन कुमार सहित सभी वार्डों के पार्षद मौजूद रहे। करीब 2.33 बजे संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह ने एजेंडा पढ़ना शुरू किया। सांझी साइकिल का मुद्दा उठा तो जवाब मिला कि उसका ठेका जून में स्वत: ही खत्म हो रहा है। नोटिस जारी कर दिया गया है। इसके बाद पेरोल पर सफाई कर्मियों की भर्ती में निगम जनप्रतिनिधियों की कमेटी को दरकिनार करने का आरोप संयुक्त आयुक्त पर डिप्टी मेयर नवीन कुमार ने लगाया, तो निगमायुक्त ने शीघ्र ही कमेटी की बैठक बुलाने की बात कही। यही स्थिति स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में भी रही। शहर में काम हो रहे हैं, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि को शामिल नहीं किया जा रहा है। सभी पार्षदों ने इस पर कड़ा रोष जताया तो इसमें निगमायुक्त ने मांग को स्वीकार कर लिया। लेकिन पार्षद रजनी परोसा, बलविंद्र सिंह, प्रतिनिधि भूपेंद्र नोतना आदि कई पार्षदों ने बेरोजगार हुए सफाई कर्मियों की जमकर वकालत की और गैप को दरकिनार कर उन्हें पेरोल पर लिए जाने की मांग उठाई। जेसी ने तीन माह का गैप स्वीकारते हुए 60 लोगों को और रखे जाने की बात कही। कहा कि 158 वह कर्मी हैं, जिनका कोई रिकार्ड नहीं है। आवारा कुत्तों की नसबंदी के मामले में निगम ने बताया कि मेनका गांधी व एनिमल वेलफेयर कोर्ट की आपत्ति के बाद कार्य रोका गया है।
पार्षदों ने शहर के कम्यूनिटी सेंटरों को ठेके पर देने पर भी शोर शराबा किया। तय की गई 11 व 21 हजार की राशि को अधिक बताया गया। बलविंद्र ने पिछले कार्यकाल के अधूरे कार्यों को पूरा करने की मांग रखी तो पार्षद मोनू ने कहा कि कुछ अनाधिकृत कॉलोनियां पनप रही हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पार्षदों ने फर्जी अस्थायी फर्जी के सहारे रजिस्टरी की मांग की। यह भी कहा कि रजिस्टरी कराने वालों से पहले आईडी बनाने वालों, रजिस्टरी करने वालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन निगम ने यह कहकर पल्ला झाड़ा कि निगम अपनी कार्रवाई कर चुका है, अब गेंद पुलिस के पाले में है। भूपेंद्र नोतना, वीर विक्रम सिंह ने कालोनियों को वैध कराने का मुद्दा उठाया तो बताया गया कि 44 कालोनियों की सूची भेजी गई है। सीवर चोक होने पर भी सभासदों ने शोर शराबा किया। स्ट्रीट लाइट व 2500 स्मार्ट लाइटों का टेंडर बार बार स्थगित होने पर भी हंगामा किया।
नहीं दी जाती कार्य और टेंडर की जानकारी
-हाउस बैठक में पार्षद युद्धवीर मित्तू सैनी ने आरोप लगाया कि मेयर, डिप्टी मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर या किसी भी पार्षद को किसी भी कार्य या टेंडर की जानकारी नहीं दी जाती है। एक पार्षद ने तो मेयर से यह कह दिया कि जिसका वह उद्घाटन करने जाती हैं, वह प्रोजेक्ट कितने का है, इसकी जानकारी उन्हें होती है क्या। मेयर का रुख देखकर बाद में बात संभालते हुए कहा कि उन्होंने यह बात इसलिए कही कि जनप्रतिनिधियों को कम से कम शहर में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी तो दी जाए। डिप्टी मेयर ने वार्डों में होने वाले बिलों के भुगतान करने से पहले संबंधित पार्षद के अनुमोदन की अनिवार्यता को लागू करने की बात कही।
शहर देश में एमपीआई में चौथे स्थान पर आया, क्यों नहीं बताया : रेणू बाला
-बैठक में मेयर रेणू बाला गुप्ता भी अफसरों पर इस बात पर नाराज दिखीं कि शहर की इतनी बड़ी उपलब्धि, जिसमें शहर देशभर में चौथे स्थान पर आया, इसे भी अफसरों ने नहीं बताया। सुबह को मीडिया से यह जानकारी मिली। मेयर बोलीं कि क्या कोई कर्मचारी शहर के 20 पार्षदों को फोन करके इस पर बधाई नहीं दे सकता था। अफसरों ने भरोसा दिया कि आगे से ऐसा ही होगा। बाद में सभी ने एक दूसरे को शहर को एमपीआई में चौथे व सुगमता सूचकांक में 15वें नंबर पर आने पर बधाई दी।
यह पारित हुए प्रस्ताव-
-डेहा कॉलोनी में पंचायत भवन बनाने के लिए भूमि उपलब्ध करवाने, पुराने पंचायत भवन की मरम्मत कर, उसे दुरुस्त कराने को हरी झंडी दी गई। तत्कालीन नगर सुधार मंडल और अब नगर निगम करनाल की योजना नंबर 34 विस्तार ओल्ड मुगल कैनाल, योजना नंबर 67 विस्तार सब्जी मंडी करनाल में व्यवसायिक प्लाटों को खुली बोली लगाकर बेचे जाने का प्रस्ताव भी पारित हो गया। लेकिन झंझाडी गांव को नगर निगम से बाहर करने व सनातन धर्म बाल मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय राम नगर की लीज अवधि बढ़ाने, पशुधन विकास परियोजना विभाग पिंगली स्थित डेयरी कांप्लेक्स स्थल में जाने का प्रस्ताव विरोध के कारण ड्रॉप किया गया। तहत नगर निगम को एसबीएम वाटर प्लस श्रेणी को पात्र घोषित करने पास हो गया। निगम करनाल को ओडीएम प्लस-प्लस भी घोषित किया गया। सेवादार व 24 बेलदारो की सेवाएं डीसी रेट की अनुमति प्रदान करने बारे था, इसे भी पास कर दिया गया। डाटा एंट्री ऑपरेटर/काउंटर क्लर्क को आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-1 के तहत डीसी रेट देने के लिए एक्स पोस्ट फैक्टो प्रशासकीय अप्रूवल पास कर दिया गया। बाबा गुरु गोरखनाथ के नाम पर किसी चौक का नाम रखने को भी मंजूरी दी गई। इसी तरह एजेंडे में शामिल अन्य सभी प्रस्तावों को भी मजूंरी दे दी गई।