भारतीय खाद्य निगम करनाल अपने मंडल के कई जिलों को तो चावल और गेहूं की आपूर्ति कर ही रहा है, कोरोना संकट के समय में देश के उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, असम, पश्चिमी बंगाल, हिमांचल प्रदेश, राजस्थान सहित कई राज्यों को भी राशन उपलब्ध करा रहा है। करनाल से हर रोज ट्रेनों के जरिये तीन से छह रैक चावल और गेहूं बाहरी राज्यों को भेजा जा रहा है। वहीं, ऑन रोड भी कई राज्यों को खाद्यान्न की सप्लाई की जा रही है।
देश कोरोना संकट से जूझ रहा है। ऐसे में कई राज्यों में खाद्यान्न की कमी भी हो रही है, लेकिन करनाल भारतीय खाद्य निगम के पास खाद्यान्न का भरपूर भंडार है। एफसीआई के सहायक महाप्रबंधक (गुणवत्ता नियंत्रण) विनोद कुमार मीना के अनुसार उनके पास अभी करीब 11 लाख मीट्रिक टन चावल और 5.18 लाख मीट्रिक टन गेहूं का भंडारण है। कोरोना वायरस से देश जंग लड़ रहा है। ऐसे में कारोबार व आम लोगों को काम धंधा आदि बंद है। पूरे देश में गरीबों को सरकार खाद्यान्न उपलब्ध करा रही है। ऐसे में करनाल मंडल के करनाल के साथ साथ अंबाला, पंचकुला, जगाधरी, यमुना नगर आदि में भी लगातार भारतीय खाद्य निगम से गेहूं व चावल की सप्लाई की जा रही है। अब तक यहां 35000 मीट्रिक टन गेहूं अब तक भेजा जा चुका है। इसके अलावा देश के कई अन्य राज्यों को भी करनाल से ट्रेनों व ट्रकों आदि के माध्यम से खाद्यान्न भेजा जा रहा है। अब तक ट्रेनों के जरिये 1.62 लाख मीट्रिक टन चावल बाहरी राज्यों को भेजा गया है। जबकि 50 जार मीट्रिक टन चावल को बाई रोड भेजा गया है। अभी खाद्यान्न की विभिन्न राज्यों से लगातार डिमांड आ रही है, जिस पर हर रोज माल गाड़ियों के तीन से छह रैक लोड की जा रही है। ट्रकों आदि के माध्यम से भी खाद्यान्न की आपूर्ति लगातार की जा रही है। शनिवार को तीन रैक चावल व एक रैक गेहूं की लोड कराई गई है। रविवार को भी दो रैक जाएगी, जिसकी डिमांड विभाग के पास पहले से ही है।
सामाजिक संस्थाओं ने भी खरीदा दो हजार एमटी खाद्यान्न
-सामाजिक संस्थाओं को भी भारतीय खाद्य निगम उचित मूल्य पर खाद्यान्न उपलब्ध करा रहा है। क्योंकि कई सामाजिक संस्थाएं कोरोना संकट के इस दौर में लोगों की मदद करने के लिए आगे आई हैं। ऐसे में सामाजिक संस्थाओं ने भारतीय खाद्य निगम से भी उपायुक्त निशांत कुमार यादव के दिशा निर्देशों के क्रम में 2000 मीट्रिक टन खाद्यान्न खरीदा है।
-भारतीय खाद्य निगम के पास खाद्यान्न का पर्याप्त भंडार है। इस समय कोरोना संकट है, लेकिन किसी भी स्थिति में खाद्यान्न की कमीं नहीं होने दी जाएगी। करनाल मंडल के साथ साथ देश के कई राज्यों को हम डिमांड के अनुसार लगातार खाद्यान्न की आपूर्ति कर रहे हैं। डिमांड भी लगातार आ रही है। महामारी के इस दौर में किसी को डरने की आवश्यकता है, हमें इनका डटकर मुकाबला करना है। सोशल डिस्टेंसिंग जरूर बनाए रखनी है। वह दिन दूर नहीं जब कोरोना हारेगा।
-विनोद कुमार मीना, एजीएम (गुणवत्ता नियंत्रण) करनाल।