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स्मार्ट की लिस्ट में आते ही जश्न में डूबे शहरवासी

Fri, 28 Aug 2015 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला करनाल
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देश के 98 स्मार्ट शहरों में करनाल सिटी के नाम की आधिकारिक घोषणा केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने गुरुवार को कर दी। इस दौरान जैसे ही करनाल का नाम उन्होंने बोला तो शहरवासी जश्न में झूम उठे। करनाल का नाम आने के बाद अब शहर को स्मार्ट बनाने के लिए बनाई जानी वाली योजना के लिए 2 करोड़ रुपये की राशि शनिवार को नगर निगम करनाल के खाते में केंद्र सरकार की ओर से आ जाएगी। इसी के तहत अब जल्द ही राज्य सरकार शहर को स्मार्ट बनाने के लिए काउंसलर की नियुक्ति करेगी।
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इसी की सलाह से शहर में नई योजनाएं बनाई जाएंगी। इनमें से आधे केंद्र सरकार व आधे राज्य सरकार वहन करेगी। पहले चरण में 20 शहरों को स्मार्ट बनाया जाएगा। प्रत्येक शहर को पहले साल 200 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके बाद हर साल 100 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। योजना के तहत हर राज्य में कम से कम एक स्मार्ट सिटी विकसित की जाएगी। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए नगर निगम करनाल को अपनी पूरी योजना 3 माह के भीतर प्रदेश सरकार को भेजनी होगी।

क्या होगा दूसरों से अलग
स्मार्ट सिटी बनने के बाद करनाल शहर में सब कुछ स्मार्ट होगा। इनमें स्मार्ट हॉस्पिटल, स्मार्ट सड़कें, स्मार्ट ट्रांसपोटेशन, स्मार्ट जल सिस्टम, स्मार्ट बिल्डिंग के साथ-साथ हर समस्या के स्मार्ट सोल्यूशन होंगे। शहर के कुछ एरिया को आदर्श के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था के साथ-साथ स्मार्ट एनर्जी, स्मार्ट स्कीमस की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। बाकायदा इन सुविधाओं के लिए नगर निगम करनाल एक मोबाइल एप भी लांच कर सकता है। एक ऐसी व्यवस्था की जाएगी जहां लोगों को किसी भी सुविधाओं के लिए लाइनों में नहीं खड़ा होने पड़ेगा। न बिल भरने के लिए न जन्म-मृत्यु या विवाह पंजीकरण के लिए। तकनीकी का अधिक से अधिक प्रयोग करते हुए तमाम सुविधाएं लोगों को मुहैया कराई जाएंगी। एक ऐसी सिटी बनाई जाएगी जिसमें लोगों में सेफ्टी और सिक्योरिटी की फिलिंग्स उनके मन में स्वत: आए। इन सबके लिए नगर निगम करनाल को सभी विभागों के साथ जनता के सहयोग की जरूरत होगी। हर विभाग को दूसरे जिलों के विभागों से स्मार्ट बनाया जाएगा। कुल मिलाकर एक ऐसा शहर जहां हर सुविधाएं बेहद आसानी से और सस्ते दामों में उपलब्ध होंगी।
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अवैध कॉलोनियों की हो सकती है बल्ले-बल्ले
शहर को योजना के तहत चार मूलभूत ढांचों के तहत स्मार्ट बनाया जाएगा। इनमें रेट्रोफिटिंग, रिडवेल्पमेंट, ग्रीन फिल्डिंग और पैन सिटी इनेसिएटिव शामिल है। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए इन्हीं चारों मॉडल पर काम किया जाएगा। इनमें से ग्रीन फिल्डिंग प्लान के तहत शहर की अवैध कॉलोनियों को विकसित करने के लिए उन्हें सुविधाएं भी दी जा सकती हैं, लेकिन यह सब सर्वे में 50 प्रतिशत आबाद होने वाले कॉलोनियों में ही हो सकता है।

स्मार्ट शहरों के उदाहरण डाले जाएंगे वेबसाइट पर
शहर को स्मार्ट बनाने के लिए लोगों से विजन लिया जाएगा। इसके बाद काउंसलर की सलाह से लोगों के इस विजन को स्वरूप दिया जाएगा। इसके लिए नगर निगम करनाल अपनी वेबसाइट पर विश्व के स्मार्ट शहरों के उदाहरण डालेगा, जिन्हें देखकर शहरवासी यह तय करेंगे कि शहर में इनमें से क्या उनके लिए उपयुक्त हो सकता है।

नगर निगम कार्यालय के दो किलोमीटर का एरिया रहेगा टारगेट
योजना के तहत रेट्रोफिटिंग मॉडल के तहत शहर में ऐसे एरिया जहां रिडेवलपमेंट नहीं हो सकता शहर के उस एरिया को भी विकसित किया जाएगा। इसमें नगर निगम के करीब 2 किलोमीटर के एरिया को लिया जा सकता है। यह वह एरिया है जहां शहरवासियों को सबसे अधिक दिक्कतों का समाना करना पड़ता है। इस एरिया में तोड़फोड़ भी संभव नहीं है। ऐसे में स्मार्ट सिटी के रेट्रोफिटिंग मॉडल के तहत इस क्षेत्र की समस्या को दूर करके कैसे इसे शहर की शान बनाया जाएगा यह देखने वाली बात होगी।

स्लम एरिया को किया जा सकता है विकसित
शहर की स्लम व मलिन बस्तियों को भी विकसित किया जा सकता है। रिडेवलपमेंट मॉडल का प्रयोग करके यह संभव है। ऐसे में शहर की दर्जनों स्लम बस्तियों को इस मॉडल से संजीवनी मिलने की आस जगी है। इसके अलावा, शहर को स्मार्ट बनाने के लिए सबसे पहले नगर निगम करनाल शहर की स्वच्छता को सही करेगा। इसके लिए कूड़े का प्रबंधन उसके लिए सबसे बड़ी बाधा है। पानी निकासी की व्यवस्था, रेन हार्वेसं्िटग पर ध्यान दिया जाएगा।
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