कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज फेज-2 के लिए प्रस्तावित विकास कार्यों पर प्रदेश सरकार ने मुहर लगा दी है। साथ ही इन कार्यों के लिए 358 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया है। खास बात ये है कि इस कार्य को आगामी दो साल में पूरा करना होगा, इसके लिए समय निर्धारित कर दिया गया है। यह कार्य हरियाणा पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन लिमिटेड करेगा। इसके लिए मेडिकल एजूकेशन एंड रिसर्च डिपार्टमेंट के एसीएस आलोक निगम ने बाकायदा एचपीएचसी के एमडी को पत्र लिखा है।
प्रोजेक्ट के तहत कालेज में 200 बेड का मदर एंड चाइल्ड अस्पताल बनाया जाएगा, साथ ही 50 बेड का ट्रामा सेंटर तैयार किया जाएगा। ये दोनों ही प्रोजेक्ट जिले के लिए काफी महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल मेडिकल कालेज के गायनी विभाग पर लोड ज्यादा है और एक बेड पर तीन गर्भवती महिलाएं लेटी रहती हैं। दूसरा, गंभीर मरीजों को चंडीगढ़ या रोहतक रेफर किया जाता है। आगामी दो साल में ये प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद माताओं, बच्चों और गंभीर घायलों को करनाल में ही इलाज मिल सकेगा। फेज-2 में करीब दर्जन कार्य हैं, जिनके पूरा होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।
आधुनिक थियेटर और 225 बेड का अस्पताल ब्लाक
नये प्रोजेक्ट के तहत कालेज में और आधुनिक आपरेशन थियेटर भी मिलेंगे। इसके अलावा, अलग से अस्पताल ब्लाक बनेगा, जिसमें 225 बेड की क्षमता होगी। इसके साथ ही 30 बैड का मनोरोग विभाग के लिए अलग से वार्ड बनाया जाएगा। पहली मंजिल पर आईसीसीयू और एमआईसीयू बनाया जाएगा। कैदियों और बंदियों के लिए पांच बेड का वार्ड तैयार कराया जाएगा।
मल्टी पार्किंग समेत कई अन्य प्रोजेक्ट
फेज-2 में कालेज में मल्टी पार्किंग समेत कई अन्य प्रोजेक्ट शामिल हैं। फिलहाल कालेज में सबसे बड़ी समस्या वाहनों की पार्किंग की आ रही है। लोग बेतरतीब तरीके से वाहनों को खड़ा कर देते हैं। इसके अलावा, कालेज से वाहन चोरी की भी वारदातें बढ़ रही हैं, क्योंकि पहले पार्किंग का ठेका दिया गया था, लेकिन अब यह बंद है। ऐसे में मरीजों और यहां पर आने वाले तीमारदारों को पार्किंग के लिए परेशानी झेलनी पड़ती है। हालांकि, यह कार्य पहले ही फेज में कराना जरूरी था, लेकिन उस समय प्रबंधन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और अधूरी तैयारियां के साथ ही कालेज को शुरू कर दिया था। नये प्रोजेक्ट में कालेज के लिए पार्किंग कालेज के पीछे कंडम पड़े भवनों को हटाकर बनाई जाएगी।
स्टेडियम और क्वार्टर भी मिलेंगे
कालेज को और बेहतर तरीके से चलाने के लिए विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को देखते हुए खेल स्टेडियम बनाया जाएगा। साथ ही स्टाफ सदस्यों के लिए क्वार्टर भी तैयार कराए जाएंगे। इसके अलावा, नर्सिंग स्टाफ के लिए भी क्वार्टर बनाए जाएंगे। दूसरी ओर, कालेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए हास्टल की व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल कालेज में 350 विद्यार्थियों के लिए हास्टल की व्यवस्था है, जबकि इस साल से एमबीबीएस की सीटें बढ़कर 120 कर दी गई हैं।
हर कार्य के लिए समय सीमा निर्धारित
एसीएस की ओर से फेज-2 के कार्य को जल्द पूरा कराने को लेकर समय सीमा निर्धारित की गई है। इसके तहत मास्टर प्लान और कंकरीट डिजाइन के लिए एक माह का समय दिया गया है। साथ ही इसको फाइनल करने के लिए एक माह और का समय तय किया है। एस्टीमेट के लिए एक माह और डिटेल्ड ड्राइंग, टेक्नीकल सेंक्शन और टेंडर के लिए तीन माह का समय निर्धारित किया है। निर्माण कार्य के लिए 18 महीने का समय दिया है। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए कुल 24 माह का समय निर्धारित किया है।
समय पर पूरा कराएंगे कार्य : डा. दुरेजा
इस बारे में मेडिकल कालेज के निदेशक डा. जगदीश दुरेजा का कहना है कि प्रदेश सरकार की ओर से प्रस्ताव को पास कर दिया गया है। साथ ही इसको लेकर दो साल का समय निर्धारित किया गया है। कालेज की तरफ से इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे और उम्मीद है कि आगामी दो साल में ये कार्य पूरा कर लिया जाएगा। फेज 2 का कार्य पूरा होने के बाद मरीजों को काफी लाभ मिलेगा।