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Karnal News: कैकेई ने मांगे वरदान, श्रीराम को मिला 14 वर्षों का वनवास

Sat, 27 Sep 2025 10:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। रामलीला भवन में श्री रामायण पाठक सभा के कलाकारों ने शुक्रवार को श्रीराम वनवास की लीला का मंचन किया। कलाकारों ने मंचन में दिखाया कि राजा दशरथ से कैकेयी अपने वरदान मांगकर श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास दिलवाती है। इसके लिए श्रीराम तैयार हो जाते हैं, तो सीता जी भी उनके साथ वन में जाने की जिद करती हैं। लक्ष्मण भी अपने बड़े भाई के साथ रहने का प्रण करते हैं।
जब श्रीराम का गंगा तट पर पहुंचे तो और निषादराज गुह से मिलना हुआ। श्री राम के आदेश का पालन करते हुए निषाद राज ने नाव की व्यवस्था करवाते हैं। निषाद राज केवट को बुलाकर कहते हैं कि हे केवट ये राम लक्ष्मण महाराज दशरथ के पुत्र हैं। इन्हें उस पार जाना है। केवट अपना नाव लेकर गंगा के बीचो-बीच खड़ा कर देता है। केवट नाव को गंगा के किनारे खड़ा करके कहते हैं कि श्री राम मैं आपका बिना चरण पखारुगा अभी नाव पर बिठाऊंगा, क्योंकि आपके पांव में जादू भरा है। अन्यथा नाव पर नहीं बैठ सकता हूं, मैंने सुना है कि महामुनि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा के लिए उनके आश्रम जा रहे थे, तो बीच में एक शिला देखकर महामुनि विश्वामित्र के आदेशानुसार अपने अपने चरण से उक्त शिला को स्पर्श कर दिया, जिससे वह पत्थर से नारी बन गई। इसलिए हे प्रभु मैं आपको बिना चरण पखारे नाव पर नहीं बैठ सकता हूं अगर आपकी आज्ञा हो तो आप गंगाजल से आपका चरण पखार लूं। केवट अपने घर से कठौता मंगवा कर गंगाजल लेकर बड़े आनंद के साथ प्रभु श्री राम का दोनों चरण पखारकर चरणामृत ग्रहण करके अपने पूर्वजों को तार देते हैं। और राम लक्ष्मण सीता को नाव पर चढ़ाकर धीरे-धीरे उस पर ले जाते हैं।
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सभा के प्रधान रमेश चंद गुप्ता ने बताया कि 27 सितंबर को सत्यवादी राजा हरीश चंद्र की लीला का मंचन किया जाएगा। सभा के चेयरमैन नरेश गुप्ता, महासचिव प्रभात गुप्ता, कोषाध्यक्ष मनोज गोयल, मुख्य निर्देशक रामकिशन गुप्ता और महाप्रबंधक रविंद्र बंसल आदि मैजूद रहे।
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