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एक सुधार तो दूसरी जगह नुकसान, वजह : हम नियमों की नहीं कर रहे पालना

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कैथल ओवरब्रिज की मरम्मत कर उसकी स्थिति में सुधार किया जा रहा है। तो इस पुल का ट्रैफिक लोड काछवा पुल पर आने से यहां नुकसान होने लगा है। भीड़ में जाम से बचने के लिए दो पहिया वाहन ओवरब्रिज पर पैदल चलने के लिए बने फुटपाथ से होकर गुजरने लगे हैं। ऐसे में फुटपाथ की टाइलें उखड़ने लगीं हैं। रोड सेफ्टी विशेषज्ञों का कहना है कि कैथल पुल की रिपेयरिंग पर एक माह तक का समय लगने का अनुमान है। अगर हालात यही रहे, प्रशासन ने व्यवस्था नहीं संभाली और हम लोगों ने नियमों की पालना नहीं की तो फुटपाथ पैदल चलने योग्य भी नहीं रहेगा।
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लोड इतना कि पांच मिनट के रास्ते पर लग रहे 20 मिनट
कैथल ओवरब्रिज बंद होने से काछवा ओवरब्रिज का लोड डबल हो गया है। प्रति मिनट औसतन 70 वाहन पुल पर से गुजर रहे हैं। सिंगल पुल पर दोनों तरफ से आने वाले दोगुने लोड से हालात यह हैं कि डेढ़ किलोमीटर पुल पर पांच मिनट का रास्ता तय करने में 20 मिनट तक का समय लग रहा है। पुल पार क्षेत्र रामनगर और प्रेम नगर निवासी गुलशन, अशोक और हर्ष का कहना है कि व्यवस्था न होने के कारण परेशानी हो रही है।
इस जिम्मेदारी को समझना जरूरी
रोड सेफ्टी विशेषज्ञ तेजपाल, एडवोकेट संदीप राणा और एडवोकेट राजकुमार का कहना है कि एक पुल की मरम्मत का कार्य चल रहा है तो दूसरे पुल पर लोड बढ़ने से कोई नुकसान न हो, इसके लिए हमें अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा
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1. राहगीरों के लिए..
पुल क्योंकि हम सभी की सुविधा के लिए बनाया गया है। अगर ट्रैफिक नियमों की पालना करें, तो टाइलों के उखड़ने से होने वाले नुकसान को बचाया जा सकता है और व्यवस्थित रूप से वाहन चलाए तो जाम भी नहीं लगेगा।
2. पुलिस के लिए..
अब सिंगल पुल पर दो पुलों का ट्रैफिक लोड है। पूरे दिन में 20 हजार से ज्यादा वाहनों की आवाजाही है। ऐसे में व्यवस्था बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, ताकि सब व्यवस्थित चले, जाम भी न लगे और नुकसान भी न हो।
चार साल में तैयार हुआ था काछवा पुल
पीडब्ल्यूडी का यह काछवा पुल 11 साल पुराना है। इसका शिलान्यास 5 नवंबर 2004 को पूर्व सीएम ओम प्रकाश चौटाला ने किया था। तो वहीं चार साल बाद जब पुल बनकर तैयार हुआ, तो इसका उद्घाटन 24 जुलाई 2008 को पूर्व सीएम भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने किया।
कैथल पुल की अभी यह है स्थिति
कैथल ओवरब्रिज के एक्सपेंशन ज्वाइंट वर्क को पूरा करने में अभी एक महीना लग सकता है। तकनीकी काम होने के कारण इस पर सामन्य लेबर नहीं लगाई जा सकती। 11 नवंबर को आरओबी से आवागमन बंद करके रिपेयर का काम शुरू हुआ था। 21 श्रमिक काम पर लगे हैं। अभी तक 11 ज्वाइंट उखाड़े हैं, जबकि 42 ज्वाइंट उखाड़े जाने हैं।
अभी दूसरे पुल पर काम चल रहा है। काछवा पुल की कुछ टाइलें टूटी भी हैं। इसे भी जल्द रिपेयर करवा दिया जाएगा। हम एस्टीमेट बना रहे हैं। लोगों को भी फुटपाथ पर नहीं चलना चाहिए। -दलेल सिंह, एक्यईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर।
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