संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। ठंड में जंक फूड की आदतें बच्चों में नाक और गले की समस्या तेजी से बढ़ा रही है। पिज्जा, बर्गर, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक जैसे जंक फूड से इम्युनिटी कमजोर हो रही है, जिस कारण नाक और गले में इंफेक्शन बढ़ रहा हैं। जिला नागरिक अस्पताल की ईएनटी ओपीडी में रोजाना 20 से 25 बच्चे व युवा एडेनॉइड की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल से ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जयवर्धन ने कहा कि इन दिनों ओपीडी में बच्चों व युवाओं में एडेनॉइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। बच्चों के साथ-साथ युवा भी नाक बंद रहने, मुंह से सांस लेने और तेज खर्राटों की शिकायत लेकर ईएनटी ओपीडी पहुंच रहे हैं। कई मामलों में दवाइयों से राहत नहीं मिल पा रही, जिस कारण सर्जरी तक की नौबत आ रही है। डॉ. जयवर्धन ने बताया कि फरवरी माह के पहले सात दिनों में ही 2 से 3 बच्चों की एडेनॉइड सर्जरी करनी पड़ी है। लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए आने वाले दिनों में ऑपरेशन की संख्या और बढ़ सकती है।
- शुरुआती स्तर पर दवाओं से इलाज संभव
डॉक्टरों के अनुसार, शुरुआती स्तर पर दवाओं से इलाज किया जाता है, लेकिन जब समस्या ज्यादा बढ़ जाती है तो सर्जरी ही एकमात्र विकल्प बचता है। समय पर इलाज न होने से बच्चों की नींद, पढ़ाई और शारीरिक विकास तक प्रभावित हो सकता है। उन्होंने बताया कि अगर बच्चे को लंबे समय से नाक बंद रहने, मुंह से सांस लेने या खर्राटों की समस्या है, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर ईएनटी जांच कराने से बड़ी सर्जरी से बचा जा सकता है।
- ये हैं लक्षण
नाक का लगातार बंद रहना
मुंह खोलकर सांस लेना
सोते समय तेज खर्राटे
बार-बार सर्दी-जुकाम या नाक बहना
आवाज में नाक बंद होने जैसा भारीपन
कान में दर्द या सुनने में कमी
नींद पूरी न होना, दिन में चिड़चिड़ापन
- ये होती है एडेनॉइड सर्जरी
डॉ. जयवर्धन ने बताया कि इस बीमारी में एडेनॉइडेक्टॉमी सर्जरी की जाती है, जिसमें नाक के पीछे बढ़े एडेनॉइड को हटाया जाता है। यह सर्जरी सामान्य एनेस्थीसिया में होती है। ज्यादातर मामलों में बच्चा 1-2 दिन में डिस्चार्ज हो जाता है।