करनाल। प्रताप पब्लिक स्कूल संचालक अजय भाटिया और तहसीलदार करनाल राज बख्श पर सामूहिक दुष्कर्म के मामले में जहां पीड़िता शुक्रवार को मीडिया के सामने आई, वहीं सामाजिक संगठनों, महिला वकीलों व आमजन ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्त्रिस्या जाहिर की है। सवाल यह है कि शुरूआत में महिला ने सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया तो आरोपियों पर कार्रवाई में क्यों ढील रही । बाद में महिला पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले की सरकार सीबीआई या न्यायिक जांच करवाए। तब तक तहसीलदार को करनाल से हटा दिया जाए। वहीं दूसरी ओर करनाल पुलिस की प्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों ने कहा है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो सामाजिक संगठन और जनता सड़कों पर उतर सकती है। ।
----------------------
स्कूल संचालक और तहसीलदार पर कार्रवाई क्यों नहीं
जिस तरह से महिला ने एक शिकायत दी तो क्या गुनाह कर दिया। महिला ने तहसीलदार व स्कूल संचालक पर सामूहिक दुष्कर्म के आरोप लगाए तो उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। यदि आम व्यक्ति के साथ एक घटना हो जाती है तो उसे पांच मिनट में अंदर कर देते हैं। प्रभावशाली व पैसे वाले होने के कारण ना उन्हें नौकरी से हटाया गया और ना जेल भेजा गया। --- इंदू शर्मा, अध्यक्ष, जय सीताराम ट्रस्ट
------------------------
ऐसे तो होता रहेगा महिलाओं पर अत्याचार
ज्यादातर अपराधी गुंडे किस्म के होते हैं या फिर जानी-मानी हस्ती होती हैं। जैसा कि सभी को पता है कि प्रताप स्कूल के मालिक अजय भाटिया के ऊपर महिला ने आरोप लगाए हैं। इनकी जांच सीबीआई टीम से होनी चाहिये। आजकल अपराधी अपने रसूख और पैसे के बल पर असहाय को प्रताड़ित करते हैं। फिर उन पर झूठे मनगढ़त आरोप लगाकर उन्हें समाज में बेइज्जत करते हैं। एवोकेट सीमा भारद्वाज
----------------------------
मुकदमे से आती है झूठ और घूसखोरी की बू
दोषियों को जेल की सलाखों में डालकर उनको सख्त सजा मिलनी चाहिये। तभी जाकर महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों को खत्म किया जा सकता है। रही बात करनाल सामूहिक दुष्कर्म मामले की, सभी करनालवासी अवगत हैं कि यह एक झूठा और घूसखोरी से भरा हुआ मुकदमा है। वह खुद एक महिला वकील हैं और महिला का दुख भली-भांति समझ सकती हैं। यदि सरकार तुरंत कोई ठोस कदम नहीं उठाती तो ब्राह्मण समाज इस मामले में सभी नागरिकों के सहयोग से महिला के समर्थन में प्रदर्शन करेगा। --- एडवोकेट कविता दत्त
---------------------------------------------
ऐसे तो बढ़ेंगे अपराधियों के हौसले
इस सामूहिक दुष्कर्म को देखते हुए लगता है कि करनाल की पुलिस का महिलाओं के प्रति जो रवैया है, वह बहुत सोचनीय है। जिस गति से महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ रहा है, उसें पुलिस प्रशासन की बहुत बड़ी ढिलाई है। अपराधियों के हौसले पुलिस प्रशासन के सहारे से ही बढ़ रहे हैं। ऐसे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिये जो महिलाओं के साथ हो रहे अपराधों को नजरंदाज करते हैं। ----- एडवोकेट सोनिया तंवर, करनाल।
---------------------------------------------
निष्पक्षता से दोबारा हो जांच
करनाल सामूहिक दुष्कर्म मामले में वह जिला प्रशासन से यही अपील करना चाहेंगी कि इसकी दोबारा से गहन जांच की जाए। सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को बंदी बना देना चाहिये ताकि वह दोबारा से कोई मन्नत केस दायर ना कर सकें। वह समाज में इस तरह की घटनाओं से व्यथित हैं। पीड़ित को इंसाफ मिलना चाहिये। महिला की प्राथमिक चरण में सुनवाई नहीं होना भी निंदनीय है। ---- एडवोकेट सरिता लोधी, करनाल।
--------------------------------------------------------------------