माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर नौकरी लगे और अलग-अलग तरह के अपराध के मामलों को सुलझाया। साथ ही समाज के हित में भी काम किया। ऐसे पांच पुलिसकर्मी निरीक्षक तक का सफर तय करके शुक्रवार को सेवानिवृत्त हुए हैं। 35 से लेकर 40 साल की नौकरी में अपने काम के बल पर इन जवानों ने 10 से लेकर 56 पुरस्कार तक प्राप्त किए हैं। शुक्रवार को जिला पुलिस कार्यालय के सभागार में पानीपत, अंबाला और करनाल के रहने वाले इन जवानों के लिए विदाई पार्टी का आयोजन हुआ। एसपी गंगाराम पूनिया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने पांचों को उनकी उपलब्धियों के आधार पर सम्मानित किया।
ये हुए सेवानिवृत्त
- निरीक्षक राजेश चंद्र : पानीपत के गांव नौलथा निवासी राजेश चंद्र सात जून 1988 को पुलिस में सिपाही भर्ती हुए। 37 साल दो महीने की नौकरी में कुल 15 पुरस्कार मिले।
- उप निरीक्षक रामफल : पानपीत के गांव पुठर निवासी रामफल 20 मार्च 1988 को हरियाणा पुलिस में सिपाही भर्ती हुए। 37 साल पांच महीने की नौकरी में 49 पुरस्कार मिले।
- उप निरीक्षक धर्मपाल : अंबाला निवासी धर्मपाल एक अगस्त 1985 को पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए। 40 साल एक महीने की नौकरी में 29 पुरस्कार मिले।
- उप निरीक्षक सुरेश सिंह : पानीपत के गांव उगरा खेड़ी निवासी 17 अक्टूबर 1989 को पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए। 35 साल 11 महीने की नौकरी में 56 पुरस्कार मिले।
- सहायक उप निरीक्षक भगवंत सिंह : करनाल के गांव सौंकड़ा निवासी आठ अप्रैल 1989 को पुलिस में सिपाही भर्ती हुए। 35 साल आठ महीने की नौकरी में 10 पुरस्कार मिले।