पिछले दो सालों से ज्वाइनिंग के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हजारों चयनित जेबीटी रविवार को नियुक्ति रथ यात्रा के साथ सीएम सिटी पहुंचे। प्रदेशभर से नियुक्ति रथ यात्रा का हिस्सा बने करीब चार हजार जेबीटी नई अनाजमंडी में एकत्रित हुए, लेकिन पुलिस ने अध्यापकों को अनाजमंडी में ही रोक लिया। सूचना पाकर ज्ञापन लेने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों से जेबीटी ने बात करने से साफ इंकार कर दिया तथा आधे घंटे के भीतर सीएम से कोई ठोस आश्वासन न मिलने पर बैरीकेट तोड़कर लघु सचिवालय का घेराव करने का ऐलान कर दिया। सीएम ने अध्यापकों की इस मांग को मानते हुए जेबीटी के एक प्रतिनिधिमंडल को 19 जुलाई को अपने आवास पर बुलाया, लेकिन जेबीटी ने सीएम के वहां पर आकर उनकी समस्या न सुनने तक प्रदर्शन जारी रखने की जिद्द पकड़ ली। करीब ढाई घंटों तक अधिकारियों व समिति सदस्यों बीच हुई वार्ता के बाद जेबीटी पीछे हटे।
नियुक्ति रथ यात्रा की अगुवाई कर रहे राजेंद्र यादव व प्रोमिला ने बताया कि सरकार द्वारा वर्ष 2011 में प्रदेश में जेबीटी की नियमित भर्ती के लिए ज्ञापन निकालकर दिसंबर 2011 तक भर्ती पूरी करने के निर्देश दिए थे, लेकिन उस समय की कांग्रेस सरकार ने कोर्ट के इस आदेश पर कोई कदम नहीं उठाया। इस पर हाईकोर्ट सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका पर कार्रवाई करते हुए सरकार को आदेशों की पालना के लिए छह माह का समय दिया था। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद सरकार द्वारा 14 अगस्त 2014 को नियमित भर्ती के लिए मेरिट सूची जारी की गई, लेकिन वेरीफिकेशन में कोर्ट से स्टे होने व विधानसभा चुनाव के चलते मामला अटक गया था। चुनाव जीतकर सत्ता में आई भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 31 मार्च 2016 को जेबीटी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर 42 दिनों के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की बात कही थी। लेकिन अभी तक इस मामले में काई भी कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि सरकार बार-बार कोर्ट की आड़ में नियुक्ति प्रक्रिया को लेट कर रही है। उन्होंने बताया कि अब 21 जुलाई को कोर्ट में चयनित जेबीटी मामले की सुनवाई होनी है, उनकी सरकार से अपील है कि सरकार अध्यापक का पक्ष मजबूती से कोर्ट के सामने रखे। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगी तब तक नियुक्ति रथ यात्रा जारी रहेगी। इस मौके पर जितेंद्र, मुकेश, काजल, ओमप्रकाश, अजय पाल, दीपक गौस्वामी, विनोद ठकराल, रमन, प्रीति, सुनिता, अनिता, गीता, कमला आदि मौजूद रहे।