करनाल, कुरुक्षेत्र, सोनीपत और चंडीगढ़ के 15 लोगों ने फर्जी निवेश योजना के जरिये रुपये हड़पने का लगाया आरोप
- पुलिस महानिदेशक को दी शिकायत के बाद करनाल पुलिस ने किया मामला दर्ज
- चार साल में रुपये तीन गुना करने का दिया था लालच
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। चर्चित हेयर स्टाइलिस्ट और ''हेयर गुरु'' के नाम से प्रसिद्ध जावेद हबीब पर करनाल, कुरुक्षेत्र और चंडीगढ़ के 15 लोगों ने एक चिटफंड कंपनी बनाकर करोड़ों रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़ितों का दावा है कि जावेद हबीब, उनका बेटा अनोश हबीब और बेटी सना हबीब ने मिलकर एक फर्जी क्रिप्टो और सैलून फ्रेंचाइजी योजना के तहत उनके साथ करीब 6.70 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। पीड़ितों ने पहले इसकी शिकायत करनाल एसपी को दी। कार्रवाई नहीं हुई तो पंचकूला पुलिस महानिदेशक को शिकायत के बाद करनाल के थाना सिविल लाइन में 420, 406, 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
जिन 15 लोगों ने जावेद, उनके बेटे और बेटी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है, उनमें करनाल से हसंराज निवासी फूसगढ़ गांव, मुकेश कुमार निवासी गोरगढ़ गांव, अंशुल वर्मा निवासी शाहपुर, मेघराज लूथरा निवासी विक्रम मार्ग इंद्रा कॉलोनी, राजीव कुमार निवासी सीएचडी सिटी हैं।
कुरुक्षेत्र से राजपाल निवासी बहादुरपुरा थानेसर, सागर निवासी कल्याण नगर थानेसर, हरदीप सिंह पोसवाल निवासी छेल्लो गांव तहसील पेहवा, सुशील कुमार निवासी दिवाना गांव तहसील पेहवा, दुष्यंत कुमार निवासी गोबिंदगढ़ तहसील लाडवा, अमरीश नैयर निवासी रविदास नगर लाडवा, प्रदीप कुमार निवासी गजलाना गांव तहसील लाडवा और राजबीर सिंह निवासी जगदीश मार्ग शाहबाद मारकंडा शामिल हैं। इनके अलावा चंडीगढ़ के सेक्टर-45 सी से विवेक सभरवाल और सोनीपत के डाकखाना जूना तहसील से सीमा शामिल हैं।
पीड़ितों ने बताया कि तीनों आरोपियों ने फोजिस्ल ग्लोबल नाम की कंपनी के नाम पर एफएलसी टोकन और एफएच सैलून की चेन खोलने का सपना दिखाकर लोगों को ठगा। आरोपियों ने दावा किया था कि कंपनी देश-विदेश में 15 हजार सैलून खोलेगी और चार साल में निवेशकों के रुपये तिगुने कर उन्हें विदेश में व्यवसाय स्थापित करवा देंगे। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि आरोपी लगातार अलग-अलग होटलों में सेमिनार करके निवेशकों को लुभाते रहे। करनाल, कुरुक्षेत्र, दिल्ली और द्वारका के एफएच सैलून समेत कई स्थानों पर मॉडल सैलून दिखाकर लोगों को अपने जाल में फंसाया गया।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आरोपी पहले कुछ समय तक यूएसडीटी और एफएलसी टोकन के माध्यम से रकम वापस करते रहे जिससे विश्वास बना रहा, लेकिन नवंबर 2023 के बाद रुपये लौटाना बंद कर दिया गया। जब लोगों ने रुपये मांगने शुरू किए तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकियां देनी शुरू कर दी।
पीड़ितों की मांग है कि आरोपियों के पासपोर्ट जब्त किए जाएं ताकि वे विदेश न भाग सकें। थाना सिविल लाइन प्रभारी श्रीभगवान ने बताया कि अभी अभियोग दर्ज किया गया है। इसकी जांच की जा रही है। मामले में निष्पक्ष तौर पर कार्रवाई की जाएगी।