आरक्षण को लेकर पांच जून को होने वाले प्रस्तावित आंदोलन को अखिल भारतीय जाट महासभा ने अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। इंद्री की अनाज मंडी में शुक्रवार को अखिल भारतीय जाट महासभा के प्रदेश प्रधान महासचिव रामपाल चहल की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें आंदोलन को अस्थायी रूप स्थगित करने का निर्णय लिया गया। बैठक का संचालन मंढाण खाप के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं अखिल भारतीय जाट महासभा के जिला प्रधान ओमपाल मंढाण ने किया। बैठक के बाद दोनों जाट नेताओं ने पत्रकारों से बातचीत की।
रामपाल चहल ने कहा कि पंचकूला में जाट नेताओं व सरकार के मंत्रियों के बीच बातचीत हुई है। इसमें सरकार की तरफ से मंत्री ओपी धनखड़ व बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला शामिल हुए। उन्होंने सभी जाट प्रमुख नेताओं को आश्वासन दिया कि सरकार ने जो आरक्षण जाटों को दिया है, उसको लेकर सरकार पैरवी कर रही है। सरकार की तरफ से बेफिक्र रहिये। उन नेताओं के आश्वासन पर पांच जून का आंदोलन अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया। चहल व मंढाण ने कहा कि गांव दर गांव जाकर लोगों को शांति बनाए रखने की अपील करेंगे। जाटों के पहले आंदोलन के दौरान कुछ शरारती तत्वों ने जाटों को बदनाम करने का काम किया, लेकिन अब ऐसा नहीं होने देंगे। इससे कौम और सरकार पर आंच आए। कोई भी गलत कदम नहीं उठाएंगे।
जाट नेताओं ने कहा कि जाट आरक्षण को लेकर सरकार की मंशा ठीक है और सरकार की नीयत में कोई खोट नहीं। सभी जाट बिरादरी के लोग शांति बनाए रखें। ओमपाल मंढाण ने कहा कि सरकार ने जाटों को आरक्षण दे दिया है। नोटिफिकेशन हो गई। विधानसभा में पास हो गया है। सरकार ने आश्वासन दिया कि इसको सेक्शन-9 में डलवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई नेता उल्टी सीधी बयानबाजी करता है तो उस पर ध्यान नहीं दिया जाए। इस मौके पर नसीब सिंह, सतीश कलसौरा, सतपाल, हरपाल सिंह, नरेश कुमार, साहब सिंह, अमित कुमार, सुरेश कुमार व रामकुमार सिंहमार आदि मौजूद रहे।