फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाट आरक्षण : चप्पे-चप्पे पर प्रशासन की नजर

Sun, 05 Jun 2016 12:12 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो//करनाल
विज्ञापन
जाट अारक्ष्‍ाण्‍ा काो लेकर तैनात सुरक्ष्‍ााकरमी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
पांच जून के संभावित जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर जिले के लोग सहमे सहमे हैं, वहीं जिला प्रशासन भी अलर्ट है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस की निगाह है। जिलेभर में पुलिस को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी गई हैं और छुट्टी पर गए कर्मचारियों कोे वापस बुलाया लिया है। उधर, किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस लाइन में कई टुकड़ी तैनात कर दी हैं। दोपहर को बीएसएफ की दो बटालियन करनाल पहुंच गई हैं। आधुनिक हथियारों से लैस पुलिस कर्मचारियों ने लगातार तीन दिन तक प्रशिक्षण लिया है। उधर, सुरक्षा की दृष्टि से मूनक हैड पर सीआरपीएफ तैनात कर दी है। डीसी मनदीप सिंह बराड़ व एसपी पंकज नैन ने खुद मूनक हैड का मुआयना किया। हालांकि, जिले के जाट नेताओं द्वारा किसी भी प्रकार का आंदोलन नहीं करने का आश्वासन दे चुके हैं, बावजूद इसके जिला प्रशासन किसी भी प्रकार की चूक छोड़ने के मूड में नहीं है। बता दें कि एक दिन पहले ही जिले में धारा 144 लागू कर दी है। पुलिस ने खुफिया विभाग के लोगों को संवेदनशील गांवों की निगरानी के लिए छोड़ रखा है और सिविल कर्मचारियों को भी तैनात किया गया है। 
विज्ञापन


संभावित आंदोलन को देखते हुए डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने जिले के अधिकारियों की बैठक ली और तमाम कस्बों और गांवों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। बैठक में डीसी ने साफ शब्दों में कहा कि आंदोलन से निपटने के लिए प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम करेगा। यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार का उपद्रव करता है तो पहले उसे समझाया जाए और यदि नहीं मानता तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। करीब दो घंटे तक चली बैठक में डीसी ने सभी विभागों के अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं कानून की उल्लघंना करने को तुरंत काबू करने के आदेश दिए हैं। 

इस मौके पर एडीसी धर्मवीर सिंह, आयुक्त नगर निगम सुमेधा कटारिया, एसडीएम करनाल योगेश कुमार, एमडी शुगर मिल वर्षा खांगवाल, एसडीएम इंद्री अश्विनी मलिक, एसडीएम असन्ध सुशील मलिक, सीटीएम सुधांशु गौतम आदि मौजूद रहे। उधर, जाट नेताओं के आंदोलन नहीं करने के आश्वासन के बावजूद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। बता दें कि फरवरी माह में हुए आंदोलन में करनाल में मंगलौरा चौकी पर बाइक को फूंक दिया था और पुलिस पर पथराव भी किया गया था। 
विज्ञापन


सुरक्षा चाक चौबंद 
डीसी ने कहा कि समूचे जिले में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई है। बिजली, पानी सहित अन्य जरूरी सुविधाओं की सप्लाई वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था का संबंधित अधिकारी विशेष ध्यान रखें। डीसी ने रेलवे पुलिस के अधिकारियों और स्टेशन अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिए कि आंदोलन को देखते हुए रेलवे स्टेशन की सुरक्षा बढ़ाई जाए। महिला पुलिस को भी संदर्भित विषय को लेकर आवश्यक निर्देश दिए जाएं। डीआईओ निर्देश दिए कि सभी अधिकारियों के मोबाइल नंबर पूरी तरह से अपडेट करके संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध करवाएं। मूनक नहर की सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य सवेंदनशील स्थानों के लिए बीएसएफ की टुकड़ी करनाल में पहुंच चुकी है। 

जेसीबी के दुरुपयोग पर होगा देशद्रोह का केस दर्ज
एसपी पंकज नैन ने कहा कि यदि किसी ने कानून हाथ में लिया तो सीधी कार्रवाई करने से नहीं चूकेंगे। जेसीबी मालिकों को आगाह करते हुए एसपी ने कहा कि यदि किसी की जेसीबी नहर काटने या अन्य प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ काम करती पाई गई तो उसके मालिक के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करके कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

उपद्रवी से की जाएगी संपत्ति के नुकसान की भरपाई 
डीसी ने कहा कि यदि कोई उपद्रवी किसी संपत्ति का नुकसान करता है तो उस संपत्ति की भरपाई भी संबंधित व्यक्ति से ही पूरी करवाए जाने का प्रावधान है। इसलिए सभी अधिकारी इस संदर्भ में लोगों तक यह संदेश पहुंचाने का काम करें।

पेड़ हटवाने की व्यवस्था के निर्देश
डीसी के पूछने पर फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने बताया कि जिले में 17 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां हैं। इनमें से 8 करनाल शहर में हैं बाकी जिला के अन्य स्थानों पर तैनात की गई हैं। डीसी ने निर्देश दिए कि सभी गाड़ियां पूरी तरह से दुरुस्त होनी चाहिएं। मौके पर उपस्थित डीएफओ को भी निर्देश दिए गए कि कहीं पेड़ काटे जाने की खबर आती है तो पहले से ही पेड़ हटाने की व्यवस्था के लिए कर्मचारी तैनात होने चाहिएं।

रोडवेज बसों की नहीं हुई गांव में नाइट
डीसी ने रोडवेज महाप्रबंधक जयपाल राणा को निर्देश दिए कि आंदोलन के तहत संवेदनशील और अति सवेंदनशील गांव की ओर जाने वाली बसों को तुरंत रोक दिया जाए। रोडवेज कर्मचारियों को निर्देश दिए जाएं कि वे अपने कार्यालयों की सुरक्षा करने में प्रशासन का पूरा सहयोग करें। महाप्रबंधक जयपाल राणा ने सुरक्षा की दृष्टि से गांव में रात को नाइट नहीं कराई। गांवों में सवारियां उतारकर बसों को करनाल डिपो या असंध बस स्टैंड पर बसों को खड़ा करवाया गया। उन्होंने कहा कि रविवार को स्थिति को देखते हुए बसों का परिचालन रहेगा। जींद, हिसार जाने वाली बसों को भी असंध व करनाल डिपो में नाइट करवाई गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें