एक निजी चैनल की ओर से अपने कार्यक्रम में कथित तौर पर आसाराम की गुरु रविदास से तुलना किए जाने और उनकी तस्वीर को गलत ढंग से प्रयोग किए जाने के विरोध में दलितों का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया।
चैनल की मनमानी पर गांव जलमाना में मंगलवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने कार्रवाई करने की मांग के साथ असंध-करनाल मार्ग पर जाम लगा दिया। प्रशासनिक अमले द्वारा काफी समझाने के बाद आखिरकार चार घंटों बाद लोग जाम खोलने पर राजी हो गए।
ग्रामीण राकेश, महंत खुशीदास, मनमोहन, ममता, शमशेर ने आरोप लगाया कि आसाराम पर मिलने वाली टीआरपी को भुनाने के लिए चैनल ने अपना विवेक इस कदर खो दिया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास के साथ तुलना कर दी। गुरु रविदास की तस्वीर का चैनल की ओर से गलत तरीके से प्रयोग किया गया, जिससे उनके समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि चैनल के प्रसारण पर तुरंत रोक लगाई जाए अन्यथा समाज अपने संघर्ष को तेज करने पर मजबूर हो जाएगा।
दलित नेता ने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को पंजाब व हरियाणा बंद का आह्वान किया गया है, जो पूर्ण रूप से सफल बनाया जाएगा। इस मौके पर बलवान, रघबीर, गुड्डी, जितेंद्र, रामफल, मोनू, धुलिया, बंटी, रामनिवास, राजकली, कमलेश, सुरेंद्र, संतोष, रोशनी, केला देवी, श्याम, अशोक कुमार, रामनिवास, इंद्र, सुनील, रमेश, संजीव, बीरबल, परवारी मौजूद थे।
डीएसपी श्याम कौशिक, एसएचओ रामकुमार व जलमाना चौकी इंचार्ज मनदीप के साथ हुई समाज के नेताआें की बैठक में उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि उनके इस आशय को उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। इसके बाद चार घंटे बाद प्रदर्शनकारी जाम खोलने पर राजी हो गए। इसी तरह असंध कस्बे व समीपवर्ती गांव दनौली में भी लोगों ने जाम लगाकर प्रदर्शन किया व नारेबाजी कर रोष का इजहार किया।